नोएडा विधानसभा उपचुनाव में बसपा यह फैसला नहीं कर सकी है कि वो किसका समर्थन करेंगे। अब पार्टी के वोटर अपनी मर्जी से ही वोट डाल सकेंगे। इनका फायदा अन्य पार्टियों को मिलेगा।
सूबे में हो रहे उपचुनाव में बसपा भाग नहीं ले रही है। शुरू में तय हुआ था कि वोटर अपनी इच्छा के मुताबिक वोट देने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन पिछले सप्ताह लखनऊ में हुई पार्टी बैठक में निर्णय लिया गया कि वो किसी निर्दलीय का समर्थन करेंगे, जिसके लिए तीन सदस्यीय टीम को 7 सितंबर तक फैसला करना था।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, निर्दलीय के जीतने के चांस कम होंगे इसलिए फैसला लिया गया कि वोटर मर्जी केअनुसार वोट करें। इससे करीब 50 हजार वोट अन्य पार्टियों में बंटेंगे।
दरअसल, बसपा चाहती है कि 2017 में जब विधानसभा चुनाव हों तो उसके लिए ही वोट बैंक को मजबूत किया जाए। नोएडा विधानसभा के लिए पार्टी ने अभी से ही बिजेंद्र अवाना को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। पार्टी शीघ्र ही लोकसभा प्रत्याशी की भी घोषणा करने वाली है।