कस्बे में बृहस्पतिवार को दो पक्षों के बीच हुई फायरिंग में मारे गए नईम पठान के पक्ष के लोगों ने रविवार को हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। उन्होंने आरोपी पक्ष की बिरादरी के लोगों से मारपीट की और उनकी ठेली आदि पलट दी। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
बताया गया है कि रविवार सुबह नईम पक्ष के लोग बाजार से गुजर रहे थे, तभी हत्यारोपी पक्ष के किसी व्यक्ति ने नईम की हत्या को लेकर टिप्पणी कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया।
नईम पक्ष के लोग तलवार और तमंचे लेकर सड़क पर उतर आए। उन्होंने आरोपी पक्ष के बिरादरी के लोगों से मारपीट कर दी। बाजार बंद हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। नईम पक्ष के लोगों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस ने उन्हें आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद कस्बे के लोग शांत हो गए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर संबंधित बिरादरी के लोगों ने उन पर दोबारा टिप्पणी की तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीड़ित पक्ष के लोगों ने कहा कि अगर हत्यारोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो उन्हें खुद इसका जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
‘घटना के लिए पुलिस जिम्मेदार’
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिलासपुर में रविवार सुबह बनी तनाव की स्थिति के लिए पुलिस जिम्मेदार है। यहां तैनात पुलिस और पीएसी को शनिवार रात हटा दिया गया। बाजार चौक पर मात्र एक बुजुर्ग सिपाही गश्त कर रहा था। ऐसे में सुबह होते ही फिर से हंगामा शुरू हो गया।
हालांकि पुलिस अधिकारियों ने पर्याप्त संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात होने की बात कही। लोगों का कहना है कि अगर क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात था तो रविवार को घटनास्थल पर पहुंचने में पुलिस को करीब आधा घंटा कैसे लग गया। उधर, रविवार की घटना के बाद पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने पर नईम के परिजन नाराज जरूर थे, लेकिन उन्हें समझाकर शांत कर लिया गया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने करीब 12 स्थानों पर दबिश दी है, लेकिन उनका पता नहीं चला है। उम्मीद है हत्यारोपी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
-डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसपी