फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अल्पसंख्यकों ने की RSS शाखा की शिकायत की

विज्ञापन
विज्ञापन
रमजान का पाक महीना चल रहा है जिसमें हर मुस्लिम अपनी इबादत से अल्लाह को खुश करता है और ये माह खत्म होने पर ईद का त्योहार मनाता है।
विज्ञापन


अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इन सबके बावजूद दिल्ली का एक इलाका ऐसा भी है जहां मुस्लिमों को रमजान की नमाज अदा करने में परेशानियां आ रही हैं। उन्हें ये भी डर है कि कहीं ईद वाले दिन जो इस बार 18-19 जुलाई को पड़ रही है कोई तनाव न पैदा हो जाए।

इन सबका कारण उत्तर-पूर्वी दिल्ली के श्रीराम कॉलोनी के स्थानीय पार्क में आरएसएस शाखा का लगना है। मुस्लिम बहुल इस इलाके के लोगों का दावा है कि वो नमाज में परेशनी खड़ी कर रहे हैं और ईद वाले दिन वो उस पार्क कोई बड़ा आयोजन करने वाले हैं जहां मुस्लिम भाई ईद मनाते हैं।
विज्ञापन

शाखा प्रमुख ने आशंकाओं को बताया‌ निराधार

बता दें कि स्थानीय मुस्लिम हर साल यहां स्थित पार्क में ईद मनाते हैं और ईद की नमाज पढते हैं। लेकिन इस बार इस बार पार्क में आरएसएस शाखा लगने से इन्हें डर है कि वो पार्क में ईद नहीं मना पाएंगे।

गौरतलब है कि यहां के मुस्लिमों की चिंता को लेकर पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी से मुलाकात कर चुकीं सीपीएम नेता वृंदा करात ने बताया कि बस्सी ने मामले में हरसंभव कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

वहीं आरएसएस के दिल्ली प्रचार प्रमुख राजीव तुली ने मुस्लिमों की ऐसी सभी शंकाओं को निराधार बताया है। राजीव ने बताया कि उक्त पार्क में आरएसएस की शाखा तीन दशक से भी अधिक समय से चल रही है।
विज्ञापन

'कुछ असामाजिक तत्व फैला रहे हैं अशांति'

दिल्ली प्रचार प्रमुख ने राजीव का कहना तो ये है कि हाल ही में कुछ स्थानीय लोगों ने शाखा का कार्यक्रम चलते वक्त पत्थर फेंके थे जिससे दो लोगों को चोट भी लग गई थी।

राजीव का कहना है कि धार्मिक सद्भावना के बिगड़ने की बात कुछ असामाजिक तत्व फैला रहे हैं। पार्क में दशकों से शाखा चल रही है और किसी को कभी कोई परेशानी नहीं हुई।

गौरतलब है कि जो पार्क सारे मुद्दे की वजह बना हुआ है वो मुस्लिम समुदाय के घरों से घिरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अल्पसंख्यक समुदाय यहां बहुमत में हैं। एक कॉलेज स्टूडेंट जिशान मोहम्मद का कहना है कि इस पार्क में बहुत से धार्मिक कार्यक्रम हुए हैं लेकिन ऐसा कोई भी टेंशन कभी नहीं देखा गया।

वहीं ऐजाज का कहना है कि हम सभी यहां प्रेम व भाईचारे से रहते हैं। ये बस हाल की ही बात है कि शाखा में भाग लेने बाहर से भी बहुत से लोग आने लगे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें