पांच हजार जंक्शनों पर लगेंगे कैमरे
अधिकारियों के अनुसार, एआई आधारित कैमरे दिल्ली के पांच हजार यातायात जंक्शनों पर लगाए जाएंगे। इन जक्शनों पर कई कैमरें अलग-अलग कार्य के लिए लगाए जाएंगे। एआई कैमरे बसों की लेन जांच, ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट वाले वाहन चालकों, दोपहिया वाहनों पर मोबाइल फोन के उपयोग, लालबत्ती जंप करने, चोरी के वाहनों का उपयोग समेत सभी तरह के यातायात नियमों के उल्लंघन का पता लगाने के लिए होगा।
इसमें कैमरा नंबर प्लेट पढ़ लेगा और सिस्टम वाहन के मालिक की पहचान करेगा और अन्य विवरण भी तैयार करेगा। यह भी पता लगाएगा कि वाहन के पास वैध पीयूसीसी है या नहीं। यह कैमरे अलग-अलग डाटाबेस से जुड़े होंगे। इसमें जीएसटी, पुलिस, ई-वाहन और वाहन रजिस्ट्री डेटाबेस प्रणाली आदि विभागों के डाटा होंगे। इससे बिना बीमा के, उम्र पूरी कर चुके वाहन, ग्रेप के दौरान नियम को तोड़ने वाले वाहन, चोरी के वाहन, बिना बिल के खरीदे गए वाहन, प्रतिबंधित वाहन, आदि पर कार्रवाई होगी। इन कैमरों में कई दिनों तक डाटा भंडारण की सुविधा भी होगी।
डाटा तैयार करने में होगी आसानी
योजना के शुरू होने से दिन, सप्ताह, माह के हिसाब से यातायात का डाटा तैयार किया जाएगा। इससे जाम, ब्लैकस्पाॅट, सड़क हादसों वाले स्थान आदि का पता लग सकेगा। साथ ही सड़क हादसों का भी डाटा निकालने में मदद मिलेगी। इस योजना के तहत कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा और इससे पूरी व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। इसमें कई अलग-अगल सर्वर हाेंगे। यहां पर यातायात से संबंधित सभी बिंदुओं का डीप लर्निंग टेक्नॉलाजी की मदद से विश्लेषण भी किया जाएगा।
परियोजना में परिवहन विभाग के साथ ट्रैफिक पुलिस, लोक निर्माण विभाग व स्वास्थ्य विभाग भी शामिल है। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में भी मदद मिलेगी। यातायात नियमों को तोड़ने वाले वाहन का चालान सिस्टम खुद ही काट देगा। साथ ही वाहन मालिक के पास ई-चालान पहुंच भी जाएगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कौन दोषी है, इसका आसानी से पता लगाया जा सकेगा। डाटा को ई-चालान प्रणाली के साथ एकीकृत किया जाएगा।