महंगाई की मार इस बार हज यात्रा पर भी पड़ी है। अधिकारियों की मानें तो तीन वर्ष बाद यात्रा भत्ता में महंगाई बढ़ाई जा रही है। फिलहाल अभी कुल कितना अतिरिक्त खर्च आजमीनों को चुकाना होगा यह स्पष्ट नहीं है। हालांकि हज पर जाने के लिए पहली किश्त 81 हजार रुपये तय कर दी गई है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले छह हजार रुपये अधिक है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद कलीम बताते हैं कि पिछले तीन वर्षों से हज यात्रा पर करीब 1.80 लाख रुपये खर्च हुआ करते थे। पिछले वर्ष पहली किश्त में 75 हजार रुपये की राशि जमा कराई गई थी।
इस बार यह राशि 81 हजार रुपये कर दी गई है। मोहम्मद कलीम बताते हैं कि पिछले तीन वर्षों में बढ़ी महंगाई की वजह से आजमीनों की मक्का में रहने की व्यवस्था से लेकर वहां का परिवहन का खर्चा बढ़ गया है। इसी वजह से किराए में बढ़ोत्तरी की जा रही है।
अधिकारी की मानें तो कुल खर्च में इस बार 15 से 20 हजार रुपये अतिरिक्त लगेगा। हालांकि अभी शासन से किराए की पूरी सूची नहीं भेजी गई है। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बताते हैं कि फिलहाल पहली किश्त जमा कराने के ही निर्देश हैं। दो-चार दिन बाद किराए की पूरी सूची आ जाएगी।