रालोद की जन संघर्ष पदयात्रा को लेकर शनिवार को मेरठ रोड पर किया गया रूट डायवर्जन पूरी तरह से फेल हो गया। पद यात्रा के चलते गाजियाबाद में दिल्ली-मेरठ हाईवे पर दोनों ओर करीब 10 किमी लंबा जाम लग गया। इसमें छह एंबुलेंस भी फंसी रहीं। करीब आठ घंटे तक वाहन रेंगते रहे।
ट्रैफिक पुलिस ने गाजियाबाद से मेरठ जाने वाले वाहनों को गंगनहर की पटरी से निकालने की तैयारी थी। लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने सुबह 11 बजे तक हाईवे पर वाहनों को डायवर्ट नहीं किया। इससे वाहनों की लंबी कतार लग गई।
दूरदराज से आए किसानों ने ट्रैक्टर मोदी मंदिर के सामने खड़े कर दिए। इससे हाईवे के दोनों ओर जाम की स्थिति बन गई। धीरे-धीरे वाहनों की कतार मुरादनगर और मेरठ बॉर्डर तक पहुंच गई। वाहन चालक आठ से नौ घंटे तक जाम से जूझते रहे।
रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी का काफिला भी करीब दो घंटे तक जाम में फंसा रहा, जिसे किसी तरह बाहर निकाला गया। जाम में फंसी एक एंबुलेंस में गाजियाबाद की गर्भवती महिला थी, जिसे उतारकर पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया और डिलीवरी कराई गई। जाम की स्थिति को देख एसएसपी वैभव कृष्ण खुद मोदी नगर पहुंचे और उन्होंने वैकल्पिक रास्तों से वाहनों को निकलवाया।