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मंदिर में छुपा है बच्ची के रेप और मर्डर का राज

Fri, 08 Aug 2014 01:45 PM IST
मयंक तिवारी/अमर उजाला, गुड़गांव
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गुड़गांव में 11 साल की मासूम की बलात्कार के बाद हुई हत्या पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। वारदात के 72 घंटे बाद भी ममले की जांच में लगी कमिश्नरी के पुलिस का हाथ खाली है। पुलिस को हत्या का क्लू उसे मंदिर घंटो की घनघनाहट के बीच मिलने की उम्मीद है।
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पुलिस को उसकी हत्या व दुष्कर्म का आरोपी सीन ऑफ क्राइम के हिसाब से मासूम की हत्या व दुष्कर्म क राज मंदिर के घंटो की घनघनाहट में छुपा हुआ है। जिस समय मासूम अपने ठीहे से कपड़ा लेकर कोठी में देने गई थी। उस रास्ते के बीच में एक मंदिर है। जहां पर आरती का समय था।

आरती के समय ही मंदिर पर कुछ लोगों की भीड़ होती है। पुलिस की अब तक छानबीन आरोपी उसके के ईर्द-गिर्द है। मामले की जांच के लिए कमिश्नरी की अपराध शाखा की चारों यूनिट लगी हुई हैं। इसके साथ ही सेक्टर 29 थाना पुलिस ने सेक्टर में डेरा डाल रखा है।
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अब तक की छानबीन में पुलिस ने सभी घरों में काम करने वाले नौकर, चालक, मंदिर के भक्त व पुजारी सहित 50 लोगों से बातचीत की है। पुलिस रोजाना वहां पर नजर आने वाले औक्र अचानक अवकाश लेकर चले जाने वालों पर नजर गढ़ाए हुए हैं।

सेक्टर 27 के मंदिर में भक्त कम पुलिस के लोग सादी वर्दी में अधिक नजर आ रहे हैं। रोजाना शाम को होने वाली आरती में आने वालों पर नजर रख रही है। गौरतलब है कि तीन दिन पहले सेक्टर 27 के खाली प्लाट में 11 वर्षीया मासूम का दुष्कर्म के बाद शव मिला था।

जिसकी जांच के लिए पुलिस आयुक्त आलोक मित्तल की ओर से एसआईटी का गठन किया गया है। आरोपी का सुराग देने वाले को एक लाख रुपए ईनाम देने की घोषणा की गई है।

10 मिनट में वापस न आने पर ही शुरु हो गई थी तलाश
मासूम रात सवा आठ बजे के आस-पास कोठी में कपड़ा देने के लिए आई थी। कोठी की मालकिन के हिसाब से उसे प्रेस की मजदूरी 62 रुपए मिले थे। जो उसके पास नहीं मिले हैं।

मासूम के चिल्लाने पर हुई मौत
गुड़गांव। अपराध शाखा की सीन आफ क्राइम टीम की माने तो मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाले को वह पहचानती थी। जिससे छुटने के लिए उसने चिल्लाया होगा। उसकी चिल्लाहट को दबाने के लिए मुहं दबाया गया और उसकी दम घुटने से मौत हुई।

कोठी ढाई करोड़ की मगर नहीं दह हजार का कैमरा
मामले की जांच कर रही पुलिस के सामने सबसे बड़ी परेशानी है कि जिस जगह वारदात हुई। उसके आस पाकी कोठी की कीमत ढाई करोड़ होगी। मगर एक भी कोठी ऐसी नहीं मिली। जिस पर दस हजार रुपए की कीमत का क्लोज सर्किट कैमरा लगा हो।
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