पिछले एक सप्ताह से चली आ रही तहसील कंपाउंड संघ की हड़ताल के आगे आखिर जिला प्रशासन को झुकना ही पड़ा। संघ की मांग पर डीएम सर्किल रेट की संशोधित सूची बृहस्पतिवार को जारी कर दी गई।
प्रशासन ने संघ की करीब 90 फीसदी मांगों को मान लिया है। इसके साथ ही तहसील कंपाउंड संघ ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी।
संशोधित सर्किल रेट सूची जारी होने के साथ ही करहैड़ा, मकनपुर और दुहाई समेत कई इलाकों के सर्किल रेट जहां कम हो गए हैं, वहीं कई गांवों की कृषि भूमि के सर्किल रेटों में इजाफा हो गया है।
बृहस्पतिवार सुबह अन्य दिनों की भांति तहसील कंपाउंड संघ के पदाधिकारी धरने पर बैठे ही थे कि तभी प्रशासनिक अधिकारी वहां पहुंच गए।
अधिकारियों ने बताया कि संघ की कई मांगों के मद्देनजर सर्किल रेट सूची में संशोधन किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने संशोधित सूची सौंपी। सूची को देखने के बाद संघ ने अपनी हड़ताल को समाप्त किए जाने की घोषणा कर दी।
हड़ताल समाप्त होने केसाथ ही बृहस्पतिवार को रजिस्ट्री कराने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। तहसील कंपाउंड संघ के अध्यक्ष अंबोज डागर ने बताया कि प्रशासन ने पूर्व में मनमाने तरीके से सर्किल रेटों में वृद्धि की थी।
इसी के चलते संघ ने जनता की लड़ाई लड़ी थी। पूर्व मीडिया प्रभारी शैलेंद्र त्यागी ने इसे जनता की जीत बताया है।
संशोधित सर्किल रेट
स्थान पुराने संशोधित
रामनगर पूर्वा 37000 35000
दुहाई 14000 13000
करहैड़ा 14000 12500
हसनपुर भोवापुर 45000 38000
मकनपुर 45000 38000
रामपुर एक्सटेंशन 15000 13500
रामपार्क एक्सटेंशन 12000 10000
इसके अलावा चार मंजिल तक के फ्लोर एरिया के फ्लैट के ट्रांसफर की स्थिति में कवर्ड क्षेत्र के अतिरिक्त 10 प्रतिशत सुपर एरिया का मूल्यांकन किया जाएगा। हालांकि सुपर एरिया सहित कुल क्षेत्रफल भूमि के वास्तविक क्षेत्रफल से अधिक नहीं होगा।
समाप्त नहीं की धारा-28
सर्किल रेट सूची की धारा-28 के विरोध के बावजूद इसे समाप्त नहीं किया गया। तहसील कंपाउंड संघ के अध्यक्ष अंबोज डागर का कहना है कि धारा-28 जीडीए के दबाव में लगाई गई है।
इसे समाप्त करने के लिए एआईजी स्टांप और डीएम को पत्र लिखा गया है। अगर धारा-28 नहीं हटाई गई तो संघ दोबारा से हड़ताल कर देगा।