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बंदरों ने किया टीचर पर हमला, हालत गंभीर

Wed, 19 Aug 2015 09:00 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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शहर में बंदरों का आतंक बढ़ रहा है। भूड़ भारत नगर की रेलवे कालोनी में बंदरों के एक झुंड ने मंगलवार रात एक रेलवे कैशियर की पत्नी पर हमला कर सिर नोंच डाला।
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40-45 बंदरों के हमले में बुरी तरह घायल हुई महिला को पड़ोसियों ने किसी तरह बचाकर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उन्हें 72 घंटे के लिए ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।

घायल महिला गौतमबुद्धनगर के एक प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं। लोगों में नगर निगम और रेलवे अधिकारियों के प्रति जबरदस्त आक्रोश है।

रेलवे कैशियर मान सिंह पुरानी दिल्ली में तैनात हैं और फिलहाल भूड़ भारत नगर रेलवे कालोनी में परिवार समेत रहते हैं। उनकी पत्नी कविता (47) गौतमबुद्धनगर के चक शाहबेरी के प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं।
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मान सिंह ने बताया कि मंगलवार देर शाम घर के आंगन पर लगे जाल से बंदर का एक बच्चा आंगन में गिर गया। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर करीब 40-50 बंदर जाल पर इकट्ठा हो गए।

बंदर का बच्चा निकल नहीं पा रहा था। उनकी पत्नी जैसे ही बच्चे को निकालने के लिए बाहर आईं बंदरों ने हमला कर दिया। बंदरों ने नाखूनों और दांतों से सिर पर हमला किया। सिर की खाल उखाड़ दी।

उनके चीखने की आवाज सुनकर पड़ोसी लाठी-डंडे लेकर दौड़े और बंदरों को खदेड़ा। गंभीर घायल कविता को विजय नगर सेक्टर-9 के त्रिपाठी नर्सिंग होम पहुंचाया। यहां उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

बंदरों से जूझती रही कविता
बंदरों ने हमला किया तो कविता काफी देर तक उनसे जूझती रही। परिजनों ने बताया कि एक बंदर उन पर झपटा तो उन्होंने उसे दूर फेंक दिया। लेकिन फिर कई बंदरों ने एक साथ हमला बोल दिया।

मुरादनगर में बंदरों ने ले ली थी बच्चे की जान
मुरादनगर में बंदरों ने एक पांच साल के बच्चे की जान ले ली थी। बंदरों ने छत पर सोए बच्चे का गला दबा दिया था। इससे बच्चे की मौत हो गई थी।

इसके अलावा सिहानी गांव में बीते दिनों बंदरों ने पांच साल के बच्चे पर हमला बोल दिया था। 17 साल का भाई उसे बचाने आया तो बंदरों ने उस पर भी हमला कर दिया था।

रेलवे स्टेशन के आसपास बंदरों का आतंक ज्यादा
रेलवे स्टेशन के पास यात्रियों से खाने-पीने की वस्तुएं आसानी से मिल जाने के कारण यहां बंदरों की तादाद ज्यादा है। बंदरों का आतंक इस कदर है कि फल और खाने की अन्य चीजें बंदर छीन लेते हैं।

दिनभर स्टेशन पर घूमते बंदर शाम के वक्त रेलवे कालोनी में धावा बोल देते हैं। रेलवे अधिकारी भी बंदरों पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं।

अफसरों की सुनिए
बंदरों को पकड़ने के लिए जल्द ही वन विभाग से वार्ता करेंगे। एक्सपर्ट को बुलाकर सबसे पहले बंदरों को जंगलों में छुड़वाया जाएगा। इसके लिए वन विभाग से परमिशन लेनी होगी। जल्द ही परमिशन लेकर बंदरों को पकड़ने का काम शुरू कराया जाएगा।-अब्दुल समद, नगर आयुक्त
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