मेरठ बाईपास पर रुपयों के लेनदेन को लेकर मुरादनगर निवासी एक टेलर को गोली मार दी गई। हमलावर उसे मृत समझकर गाजियाबाद में पुराने बस स्टैंड पर फेंककर भाग गए। खास बात यह है कि घायल 20 दिसंबर को लापता हुआ था और 21 दिसंबर को लहूलुहान हालत में खुद ही घर पहुंच गया।
एक्सरे में गोली लगने की बात सामने आने पर उसे मोदीनगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आॅपरेशन के बाद 32 बोर की दो गोली निकाली गईं हैं।
घायल के भाई ने मुरादनगर निवासी एक हैंडलूम व्यापारी अतुल को नामजद कराया है। आरोप है कि घायल ने आरोपी को अपनी जमानत पर 23 लाख रुपये उधार दिलाए थे। इसे लेकर ही विवाद था।
जीतपुर कॉलोनी निवासी नानकचंद सरना वाली गली में सिलाई का काम करता है। गाजियाबाद निवासी अतुल उर्फ छोटू की ममता वाली गली में पावरलूम फैक्ट्री है।
पीड़ित के भाई विनोद ने बताया कि 20 दिसंबर की शाम नानकचंद को प्लॉट दिखाने के बहाने व्यापारी कार से मेरठ बाईपास ले गया था। आरोप है कि बाईपास पर आरोपी ने उसे नशीले चिप्स खिला दिए।
21 दिसंबर की दोपहर होश में आने पर उसने खुद को गाजियाबाद के पुराने बस स्टैंड पर लहूलुहान हालत में पाया। वह ऑटो से घर पहुंचा। एक्सरे में पता चला कि नानकचंद को दो गोली लगी है।