बचत के लालच में कर रहे खिलवाड़
टैटू बनाने वाले राजस्थान के करौली निवासी अंगद का कहना है कि 80 रुपये की एक सुई आती है। एक टैटू गोदने का न्यूनतम पचास रुपये चार्ज करते हैं। अगर वह हर बार नई सुई का उपयोग करने लगे तो उनका धंधा चौपट हो जाएगा। सुई और टैटू की कीमत में अंतर के कारण सुई बदलने से बचते हैं।
सरेआम चल रहा धंधा
खुलेआम बिना सुरक्षा और सावधानियां बरते साइबर सिटी में टैटू गोदने का यह धंधा खूब फल फूल रहा है। सड़क किनारे बैठकर टैटू गोदने वाले लोग नाम गुदवाने के शौकीन ग्रामीण परिवेश के युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। किसी बड़े टैटू पार्लर की तुलना में यह कम पैसों में नाम गोद देते हैं, इसलिए खतरे से अनजान लोग खुद अपनी जान के दुश्मन बन रहे हैं।
एचआईवी पॉजिटिव होने का खतरा अधिक
चिकित्सक डॉ. अशोक तनेजा का कहना है कि बार-बार सुई के इस्तेमाल के लिए चिकित्सकीय क्षेत्र में कोई गुंजाइश नहीं है। अगर टैटू आर्टिस्ट ऐसा कर रहे हैं तो यह बहुत गंभीर मसला है। सुई के बार-बार प्रयोग से सबसे अधिक खतरा एचआईवी पॉजिटिव होने का रहता है। प्रशासन को तत्काल इस पर रोक लगानी चाहिए और युवा खुद भी सावधानी बरतें।