यूपी पुलिस के एक दरोगा ने अपनी लापरवाही से हजारों ट्रेन यात्रियों की जान खतरे में डाल दी। नेहरू नगर रेलवे क्रासिंग पर दरोगा अपनी बाइक से ट्रैक पार कर रहे थे।
इसी बीच दिल्ली की ओर से देहरादून एसी एक्सप्रेस तेजी से आ गई। हड़बड़ी में दरोगा की बाइक ट्रैक में फंस गई। दरोगा बाइक को ट्रैक पर ही छोड़कर भाग गए।
गनीमत यह रही कि समय रहते ट्रेन चालक ने इमरजेंसी ब्रेक का प्रयोग किया। इसके बावजूद बाइक इंजन के साथ ही करीब 50 मीटर तक घिसटती चली गई।
जब बाइक छोड़कर भागे दरोगा
घटना रविवार दोपहर करीब साढे़ तीन बजे की है। मसूरी थाने में तैनात दरोगा ओमवीर बाइक से नेहरू नगर जा रहे थे। नेहरू नगर रेलवे क्रासिंग पर दरोगा पैदल ही बाइक लेकर ट्रैक पार करने लगे। इसी बीच उनकी बाइक ट्रैक में फंस गई।
दरोगा ने अपनी मदद के लिए दो युवक बुला लिए। तीनों मिलकर ट्रैक से बाइक को निकालने का प्रयास करने लगे। इसी बीच दिल्ली की ओर से आंनद विहार-देहरादून एसी एक्सप्रेस तेजी से आती नजर आई। ट्रेन के ड्राइवर ने कई बार हॉर्न बजाया।
इस पर दरोगा और युवक बाइक को छोड़कर पीछे भाग गए। ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए, फिर भी तेज आवाज के साथ ट्रेन बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक इंजन के नीचे फंसकर करीब 50 मीटर तक रेलवे ट्रैक पर ही घिसटती चली गई।
लेकिन बाइक लेना नहीं भूले
घटना के बाद मौके पर इकट्ठे हुए लोगों और ट्रेन यात्रियों की मदद से दरोगा ने अपनी बाइक इंजन के नीचे से निकाली। हादसे के करीब दस मिनट बाद ट्रेन रवाना हो सकी। घबराए दरोगा ने भी आनन-फानन में रिक्शा बुलाई और अपनी बाइक को रिक्शा में लादकर चले गए।
हादसे की सूचना मिलते ही आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे, तब तक दरोगा वहां से जा चुके थे। आरपीएफ प्रभारी मोदीनगर विनय कुमार ने कहा कि आरोपी दरोगा के खिलाफ रेलवे कार्य में बाधा डालने के मामले में मोदीनगर आरपीएफ मुकदमा दर्ज करेगी।
घटना की सूचना ड्राइवर के माध्यम से मिल गई है। यह जानकारी हासिल की जा रही है कि आरोपी दरोगा किस थाने में तैनात हैं और उनकी बाइक का नंबर क्या है।