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वायरस अटैक: दिल्ली समेत 6 राज्यों में फैला स्वाइन फ्लू, राजधानी में 8 गुना बढ़े मामले; आईसीएमआर ने किया सावधान

Mon, 24 Aug 2026 03:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों ने एडवाइजरी जारी कर अस्पतालों को अलर्ट मोड में रहने को कहा है।
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हो जाएं अलर्ट... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत छह राज्य स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 वायरस की चपेट में हैं। राष्ट्रीय राजधानी में अब तक 1,777 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश में 337, हरियाणा में 119 और पंजाब में 93 संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों ने एडवाइजरी जारी कर अस्पतालों को अलर्ट मोड में रहने को कहा है।

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हालांकि, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। वर्तमान में फैल रहा स्वाइन फ्लू वायरस कोई नया वेरिएंट नहीं है। यह 2025 से ही देश में मौजूद है और लगातार निगरानी में है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्थिति की समीक्षा की। इसमें बीमारी की निगरानी, जांच, अस्पतालों की तैयारी और समय पर इलाज के निर्देश दिए गए। सभी राज्यों से निगरानी बढ़ाने और गंभीर मरीजों की जल्द पहचान करने को कहा गया है।  
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दिल्ली : एक ही दिन में 114 नए केस
दिल्ली में इस साल अब तक इंफ्लूएंजा-ए के 2,392 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1,777 एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले हैं। पिछले साल इसी अवधि में 229 मामले थे, यानी इस साल स्वाइन फ्लू के मामलों में करीब आठ गुना बढ़ोतरी हुई है। 20 अगस्त को एक दिन में ही 114 मामले सामने आए। इसके अलावा एच3 के 138 और एच1 के 37 मामलों की पुष्टि हुई है।

  • यूपी में 20 अगस्त तक मिले मामलों में सर्वाधिक एनसीआर के। मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर के 11 मरीजों का इलाज चल रहा है
  • उत्तराखंड, हिमाचल, हरियाणा और पंजाब की सरकारों ने फ्लू को लेकर अलर्ट जारी किया है
  • महाराष्ट्र के मुंबई में 15 अगस्त तक एच1एन1 के 309 मरीज सामने आए। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या महज 72 थी, यानी मरीजों की संख्या चार गुना से अधिक हो गई। वहीं, एक मरीज छत्तीसगढ़ में भी मिला है

विशेषज्ञ बोले-सतर्क रहें, घबराएं नहीं  
विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा, यह मानसून के कारण होने वाला मौसमी इन्फ्लूएंजा है। बेहतर निगरानी और अधिक टेस्टिंग से मामलों की संख्या ज्यादा दिखाई दे रही है। घबराने की जरूरत नहीं है, हालांकि उच्च जोखिम वाले लोग सतर्क रहें। भीड़ में जाने से बचें। खांसी-जुकाम होने पर सावधानी बरतें।

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