बदलते मौसम के कारण स्वाइन फ्लू कम लेकिन इसका हौव्वा ज्यादा होने से लोग परेशान हैं। चिकित्सक जहां तापमान कम होने से वायरस तेजी से फैलने का कारण बताकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
वहीं, लोगों में इस कदर खौफ है कि मामूली सर्दी और जुकाम होने पर भी हजारों रुपये के टेस्ट करा रहे हैं। कई अस्पतालों और पैथालॉजी में करीब दस हजार से अधिक टेस्ट कराने में लोग अब तक करोड़ों रुपये खर्च कर चुके हैं।
रविवार को हुई बारिश से अधिकतम 19 और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा। चिकित्सकों का कहना है कि जब तक तापमान 25 डिग्री के पार नहीं पहुंचता तब तक स्वाइन फ्लू के वायरस का खतरा निरंतर बना रहेगा।
इस समय लोगों में स्वाइन फ्लू का डर सबसे ज्यादा है। एक महीने में इसके संभावित मरीजों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। सरकारी आंकड़ों की मानें तो अब तक करीब 500 से अधिक लोगों के स्वाइन फ्लू टेस्ट किए गए हैं।
लेकिन प्राइवेट लैब और अस्पतालों के आंकड़े इससे कहीं अलग हैं। लोगों को खांसी और जुकाम भी हो रहा है, तो वह स्वाइन फ्लू का टेस्ट करा रहे हैं।
डॉक्टर भी मरीजों के साथ कोई रिस्क नहीं ले रहे हैं और टेस्ट कराने की एडवाइज दे रहे हैं। टीएचएच और गाजियाबाद में छोटे बड़े 100 से ऊपर अस्पताल और लगभग इतनी ही निजी पैथ लैब की शाखाएं हैं।
इन लैब में स्वाइन फ्लू के टेस्ट के लिए पांच से दस हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। अब तक करीब दस हजार लोग स्वाइन फ्लू का टेस्ट करा चुके है। अनुमान के मुताबिक लोगों ने इन टेस्टों में करीब नौ से दस करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं।