डेंगू और मलेरिया का प्रकोप अभी थमा भी नहीं है कि सर्दियां शुरू होते ही स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। स्वास्थ विभाग के मुताबिक अभी तक 15 से ज्यादा संदिग्ध मरीज सामने आए हैं, जिसमें से सात मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ विभाग के मुताबिक स्वाइन फ्लू (एच-1 एन-1) इंन्फ्ल्यूएंजा के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बता दें कि हर साल सर्दियां शुरू होते ही स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढने लगती है।
स्वास्थ विभाग ने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए नागरिक अस्पतालों को स्वाइन फ्लू को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। वहीं, मरीजों की संख्या बढने पर नागरिक अस्पतालों में अलग से वार्ड भी बनाया जाएगा।
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों को देखते हुए स्वास्थ विभाग ने सतर्कता बरतते हुए हुए सभी अस्पतालों को आइसोलेशन वार्ड बनाने का निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि स्वाइन फ्लू एक दूसरे के संपर्क व सार्वजनिक वस्तुओं के उपयोग से भी फैलता है।
इससे ग्रस्त मरीज को चिकित्सक अनिवार्य रूप से मास्क के उपयोग की सलाह देते हैं। अब तक सामने आए सात मरीजों में से 4 गुरुग्राम जबकि 3 मरीज बाहरी हैं। वहां संदिग्ध मरीजों के नमूनों को जांच के लिए एनसीडीसी लैब दिल्ली भेजा गया है।
पिछले साल तीन लोगों की हुई थी मौत
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष स्वाइन फ्लू से जिले में 3 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 256 मरीजों में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए थे। स्वास्थ विभाग ने निजी अस्पतालों को हर मरीज का डाटा देने का आदेश दिया है।
इतना ही नहीं जिले के सभी सीएचसी व पीएचसी व नागरिक अस्पतालों में टैमी लू की गोलियां व सीरप पहुंचाने को कहा गया है। बता दें कि (एच-1एन-1) स्वाइन फ्लू का वायरस आम तौर पर हवा के जरिये फैलता है। मरीज के खांसने व छीकने पर हवा के माध्यम से वायरस आस-पास के क्षेत्र में फैलता है।