बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए नगर निगम, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ अब परिवाहन विभाग को भी आगे आया है। परिवहन विभाग की ओर से सभी वाहनों पर ईधन के अनुसार होलोग्राम आधारित रंगीन स्टीकर लगाए जाएंगे। इससे की उनकी पहचान हो सके। विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह निर्णय लिया गया है।
एक माह से शहर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को हवा में पीएम-2.5 की मात्रा 280 रही। प्रदूषण के कारण लोगों को कई तरह की परेशानियां हो रही है। इसका प्रमुख कारण दिवाली पर छोडे गए पटाखे, पराली और वाहनों को माना गया।
प्रदेश सरकार और हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (एचएसपीसीबी) पराली जलाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करने का दावा कर रहे हैं। वहीं प्रदूषण फैला रहे वाहनों पर कार्रवाई में इनकी सुस्ती रही। हालांकि बीते दिनों सेट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) ने बैठक में एचएसपीसीबी को शहर में परिचालित डीजल आधारित वाहनों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए।
इसके बाद 18 नवंबर से 25 नवंबर तक एचएसपीसीबी और परिवहन विभाग ने 86 डीजल आधारित वाहनों का चालान किए। अब प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए ईधन के अनुसार वाहनों पर रंगीन स्टीकर लगाने की बात कही जा रही है।
इस संबंध में सड़क परिवाहन विभाग के सह सचिव राजकुमार राणा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विभाग ने सभी वाहनों पर ईधन के अनुसार होलोग्राम आधारित स्टीकर लगाने का फैसला लिया गया है। इन स्टीकर्स को एक अप्रैल 2019 से पहले रजिस्टर्ड वाहनों पर लगाया जाएगा।