पुलिस ने आरोपी कार चालक हरीश चंद्र को मौके से गिरफ्तार कर लिया। उसकी मेडिकल जांच कराई गई तो पता लगा कि आरोपी ने शराब पी रखी थी। आरोपी मूलरूप से मथुरा, यूपी का रहने वाला है। वह सरोजनी नगर में रहने वाले अपने गांव के लोगों के साथ पार्टी करके संगम विहार लौट रहा था।
जिला डीसीपी ने बताया कि मौके पर मौजूद पीड़ित स्वाति मालीवाल की मेडिकल जांच कराई गई है। हालांकि उन्हें कोई दिखने वाली चोट नहीं है। स्वाति का कहना है कि कार की खिड़की में फंसने से उसके साथ में चोट लगी है।
पुलिस मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा उन्होंने स्वाति मालीवाल ने आग्रह किया है कि अगर उनके किसी क्रू मेंबर ने वीडियो बनाई है तो वह पुलिस को उपलब्ध कराई जाए, ताकि जांच में सहायता मिल सके। आरोपी हरीश चंद्र के खिलाफ कोटला मुबारकपुर थाने में छेड़छाड़, धमकी देने व रास्ता रोकने का मामला दर्ज कर लिया गया है।
चंदन चौधरी ने बताया कि इसके बाद स्वाति मालीवाल ने शिकायत ली गई। उन्होंने शिकायत में कहा है कि एम्स के गेट नंबर दो के सामने एक बेलेनो कार चालक आया और उसे लिफ्ट देने की बात कही। आरोपी ने कार में बैठने का कहा और छोडऩे की बात कही। स्वाति ने मना कर दिया तो आरोपी आगे से लू-टर्न लेकर सर्विस रोड से आया और लिफ्ट ऑफर की। इसके बाद स्वाति आरोपी को पकड़ने के लिए कार की ड्राइवर सीट तक पहुंची।
स्वाति ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो आरोपी जल्द से शीशा बंद करने लगा। इस दौरान स्वाति का हाथ शीशा के बीच फंस गया। आरोपी ने स्वाति मालीवाल को 10-15 मीटर तक घसीटा। डीसीपी ने बताया कि पीसीआर कॉल मिलने के बाद नौ मिनट पर कोटला मुबारकपुर थाने की मोबाइल वैन पहुंच गई। इसके बाद सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
मेरा हश्र अंजलि जैसा होना वाला था- स्वाति
घटना के बाद स्वाति ने कहा कि मेरी टीम के लोग कुछ दूरी पर मेरा इंतजार कर रहे थे। जब उन्होंने मुझे कार से घिसटते हुए देखा तो एक टीम सदस्य जोर से चिल्लाया। उसकी आवाज सुनकर आरोपी ने मुझे छोड़ा। अगर वह मुझे नहीं छोड़ता तो मेर साथ वैसी ही घटना होती जैसी अंजलि के साथ हुई है। डीसीडब्यू चीफ ने दिल्ली की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि भगवान ने मेरी जान बचाई है। अगर दिल्ली में महिला आयोग की अध्यक्ष सुरक्षित नहीं, तो फिर आम जनता का क्या होगा। वह अंजलि की हत्या के बाद दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने गई थी।