12वीं के छात्रों का प्रैक्टिकल खत्म हुआ था। छात्रों की कक्षा में मौजूदगी देखने के लिए भूदेव विद्यालय के ए ब्लाॅक में निरीक्षण कर रहे थे। प्रथम तल पर शौचालय के पास उन्होंने अभिमन्यु व अन्य आरोपियों को देखा। भूदेव ने जैसे ही उन्हें टोका तो आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया।
छात्र भूदेव के आने का ही इंतजार कर रहे थे। एक आरोपी ने शिक्षक को पीछे से पकड़ा और दो आरोपियों ने चाकू से वार कर दिए। शिक्षकों ने बताया कि हमला होते ही भूदेव ने शोर मचा दिया। इस पर आरोपी छात्र अलग-अलग दिशा में भागने लगे। अन्य शिक्षक हमलावरों के पीछे भागे।
शिक्षकों ने अभिमन्यु को पकड़ लिया उसके हाथ में बड़ा चाकू था। दूसरा चाकू जमीन पर पड़ा था। शिक्षकों ने घटना की जानकारी पुलिस को देकर भूदेव को राजेंद्र नगर स्थित बीएलके अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भूदेव पर कई जगह वार किए गए हैं।
शिक्षकों ने बताया कि दिसंबर में भूदेव ने अभिमन्यु को यूनिफार्म नहीं पहनने पर फटकार लगाई थी। अभिमन्यु ने यूनिफार्म नहीं पहनकर आने की बात कही थी। इस पर उसे अभिभावक को लेकर स्कूल आने के लिए कहा गया था।
आरोप है कि स्कूल पहुंचे अभिभावकों ने भी हंगामा किया था। वह छात्र को समझाने के बजाय भूदेव को ही धमका रहे थे। उन्हें बात आगे नहीं बढ़ाने की नसीहत दी गई थी। भूदेव इस घटना के बाद भी छात्र को यूनिफार्म को लेकर टोकते थे।
शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक लड़ेंगे लड़ाई
सरकारी स्कूलों में लगातार हो रहीं हमले की घटनाओं से शिक्षक काफी नाराज हैं। सरकारी स्कूल शिक्षक संघ महासचिव अजय वीर यादव ने कहा कि स्कूलों में राजनीतिक दखल के कारण शिक्षकों पर हमले की घटनाएं अब आम हो चुकी हैं। जिस स्कूल में शिक्षक पर हमला हुआ है वहां सभी शिक्षक पैनलों के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। इसमें विरोध की ठोस रणनीति तय की जाएगी। शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक लड़ाई लड़ी जाएगी।
वहीं, दिल्ली अभिभावक एसोसिएशन की अध्यक्ष अपराजिता गौतम ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं सरकारी स्कूलों में सुरक्षा के घटिया प्रावधानों की पोल खोलती है। स्कूल में सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की है। यदि कोई घटना घटती है तो संबंधित जोन अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।