फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Swati Maliwal Case: मारपीट मामले में बिभव कुमार को राहत नहीं, न्यायिक हिरासत 16 जुलाई तक बढ़ाई

Sat, 06 Jul 2024 03:48 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

Swati Maliwal assault case: स्वाति मालीवाल मारपीट मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने आरोपी बिभव कुमार की न्यायिक हिरासत को 16 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया है। उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। 
विज्ञापन
बिभव कुमार - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट मामले में शनिवार को आरोपी बिभव कुमार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया।  तीस हजारी कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार की न्यायिक हिरासत 16 जुलाई तक बढ़ा दी है। 
विज्ञापन

दिल्ली पुलिस को जारी हो चुका है नोटिस
इससे पहले बीती दो जुलाई को हाईकोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार की ओर से स्वाति मालीवाल से कथित मारपीट मामले में गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका की विचारणीयता को स्वीकार कर लिया। न्यायमूर्ति स्वर्णकांत शर्मा ने आदेश सुनाया और निर्णय के लिए सुरक्षित रखा गया था।

दिल्ली पुलिस ने याचिका पर नोटिस जारी करने का विरोध किया था। शुरुआत में दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने याचिका पर प्रारंभिक आपत्तियां उठाई थीं। 

उन्होंने कहा कि याचिका विचारणीय नहीं है, क्योंकि कुमार ने अपनी याचिका में यह खुलासा नहीं किया कि उन्होंने सीआरपीसी की धारा 41ए का अनुपालन न करने के मुद्दे पर ट्रायल कोर्ट में आवेदन दायर किया था, जिसे खारिज कर दिया गया था।

वहीं तीस हजारी कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार की न्यायिक हिरासत को पहले 6 जुलाई तक बढ़ा दिया था। न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद बिभव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। बिभव पर आरोप है कि उन्होंने 13 मई को केजरीवाल के आवास पर स्वाति मालीवाल के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया था। 
विज्ञापन

बिभव कुमार पर हैं ये आरोप
सिविल लाइंस थाना पुलिस ने इसी मामले में बिभव कुमार के खिलाफ सबूत मिटाने और झूठी जानकारी देने मामले में आईपीसी की धारा 201 को जोड़ा है। उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त मनोज कुमार मीना ने सबूत मिटाने की धारा जोड़े जाने की पुष्टि कर चुके हैं। आरोप है कि मामला दर्ज होने के बाद बिभव कुमार ने मुंबई जाकर अपना मोबाइल फोन फॉर्मेट कर दिया था। पुलिस बिभव को दो बाहर मुंबई भी लेकर गई, लेकिन बिभव ने पुलिस की जांच में सहयोग नहीं किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें