बुलंदशहर से पकड़ा था पुलिस ने
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर की अदालत ने यह फैसला सुनाया। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन के कुछ घंटों बाद शुक्रवार को भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया था।
इंटरव्यू में किया था 'सिर फोड़ने' का दावा
इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सामने आया। इस वायरल इंटरव्यू में वह 23 जून को हुए प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता संजय कुमार पर हमले को लेकर डींगें हांकते हुए नजर आया था। भारद्वाज ने दावा किया था कि मैंने खोपड़ी फोड़ दी... क्या आपको पता है कि इस अपराध में कौन सी धारा लगती है? धारा 307। उसे 60 टांके लगे।" हालांकि, बाद में एक पॉडकास्ट में उसने दावा किया कि उसने आत्मरक्षा में ऐसा किया था। शुरुआत में दिल्ली पुलिस ने भी चोटों को साधारण बताते हुए कहा था कि ये स्टील के ब्रेसलेट से लगी है।
कई गंभीर धाराओं में हुई है एफआईआर
सीजेपी प्रतिनिधिमंडल और नगीना से सांसद (आजाद समाज पार्टी प्रमुख) चंद्रशेखर आजाद के पुलिस अधिकारियों से मिलने और सख्त कार्रवाई की मांग के बाद, पुलिस ने मामले में कई गंभीर धाराएं जोड़ी हैं। एफआईआर में अब आपराधिक धमकी और एससी/एसटी अधिनियम के प्रावधान जोड़े गए हैं।
पॉक्सो और आईटी एक्ट
नाबालिग छात्रा द्वारा ऑनलाइन धमकी, दुष्कर्म की धमकी, गालियां और तस्वीरों से छेड़छाड़ की शिकायत के बाद शुक्रवार को एक नई एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3), 78 (पीछा करना) और 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना) के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 67 भी लगाई गई है।