पूर्व क्रिकेटर व निलंबित भाजपा सांसद कीर्ति आजाद शुक्रवार को मानहानि मामले में पेश नहीं हुये। पत्नी के खराब स्वास्थ्य के आधार पर उन्होंने पेशी से छूट ले ली। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिये 30 मई की तारीख तय की है।
अदालत ने नौ दिसंबर मानहानि की शिकायत पर संज्ञान लेते हुये कीर्ति आजाद को बतौर आरोपी समन जारी किया था। आजाद के खिलाफ एक अधिवक्ता ने मानहानि की शिकायत दायर की थी।
तीस हजारी स्थित महानगर दंडाधिकारी अभिलाष मल्होत्रा ने कीर्ति आजाद के वकीलों के आग्रह पर उन्होंने एक दिन के लिये पेशी से छूट दे दी। आजाद के वकीलों ने अर्जी दायर कर कहा था कि उनकी पत्नी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। इसलिये वह कोर्ट में पेश नहीं हो सकते। लिहाजा उन्हें पेशी से एक दिन की छूट प्रदान की जाये।
मामले में शिकायतकर्ता वकील गौतम दत्ता का दावा था कि आजाद ने 15 सितंबर को कई लोगों को एक ई मेल भेजा था। इस मेल में कहा गया कि डीडीसीए अधिकारियों को खुश करने के लिये गौतम दत्ता झूठे मुकदमे दायर करता था।
पीड़ित अधिवक्ता का कहना था कि आजाद ने बीसीसीआई लोकपाल व अन्य अधिकारियों को उसके खिलाफ एक आपत्तिजनक ई मेल भेजा था जिसमें भद्दी भाषा का उसके लिये इस्तेमाल किया गया। इस ई मेल को काफी लोगों को भेजा गया था जिससे उसकी मानहानि हुई।
अदालत ने समन जारी करते हुये कहा ई मेल को पढने से साफ है शिकायतकर्ता की नकारात्मक तस्वीर पेश की गई कि वह डीडीसीए अधिकारियों को खुश करने के लिये कथित रूप से झूठे मुकदमे दायर करता है।