जिला के ग्रामीण क्षेत्र को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित करने के बाद अब शहरी क्षेत्र को ओडीएफ करने की तैयारी की जा रही है। जिला प्रशासन व नगर निगम गुरुग्राम ने शहरी क्षेत्र को 15 अगस्त तक ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा है। इस बासत की जानकारी शुक्रवार को मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित वीडियों कांफ्रेंसिंग में उपायुक्त हरदीप सिंह तथा नगर निगम के अतिरिक्त निगमायुक्त अमित खत्री द्वारा दी गई।
वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग में जिले में पीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन, एसडीएम व आरटीए सचिव कार्यालय में एसओपी लागू करने, अटल सेवा केंद्रो के संचालन, आवारा पशुओं के प्रबंधन, ग्रामीण व शहरी क्षेत्र को ओडीएफ बनाने आदि विषयों पर चर्चा की गई। शहरी क्षेत्र को ओडीएफ करने के बारे में उपायुक्त हरदीप सिंह ने बताया कि पटौदी और सोहना कस्बों में खुले में शौच जाने वाले क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है। जहां पर शौचालय नहीं है, वहां पर शौचालयों का निर्माण करवाया जा रहा है।
निगम क्षेत्र के बारे में अतिरिक्त निगमायुक्त अमित खत्री ने बताया कि ओडीएफ वाले स्थानों को चिन्ह्ति किया गया है और वहां पर सामुदायिक शौचालय तथा सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करवाया गया है। डॉ. राकेश गुप्ता ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत भी काम जारी रखने के निर्देश दिए।
जिला की सड़कों को आवारा पशुओं से मुक्त बनाने के कार्य की समीक्षा के दौरान उपायुक्त हरदीप सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में आवारा पशुओं के बाड़े बनाने के लिए दमदमा और भांगरौला दो नए स्थानों की पहचान की गई है। उपायुक्त ने अतिरिक्त प्रधान सचिव को भरोसा दिलाया कि जिला की सड़कों को 31 जुलाई तक आवारा पशुओं से मुक्त कर दिया जाएगा।
निगम क्षेत्र के लिए खत्री ने बताया कि गांव कार्टरपूरी में एक गऊशाला व एक नंदीशाला है, जिनमें आवारा पकड़ी जाने वाली गायों व नंदियों को रखा जाता है। उन्होंने कहा कि निगम क्षेत्र में और गऊशाला बनाने के लिए जगह उपलब्ध नहीं है।