दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक प्रस्तावित मेट्रो विस्तार के आठों स्टेशनों की जमीन जुटाने की कवायद जीडीए ने शुरू कर दी है। रूट के करीब चार से पांच स्टेशनों पर डीएमआरसी ने जमीन की जरूरत बताई है।
डीएमआरसी की डिमांड पर जीडीए अधिकारियों ने जमीन जुटाने के लिए सर्वे शुरू किया है। सर्वे के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि जमीन सरकारी है या निजी। फिर जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।
बीते दिनों डीएमआरसी ने मेट्रो रूट का टोपोग्राफिकल सर्वे किया था। डीएमआरसी ने इस सर्वे का प्रेजेंटेशन जीडीए में दिया था। इसमें श्याम पार्क, शहीद नगर, अर्थला, राजेंद्र नगर आदि स्टेशनों के पास कुछ जमीन की जरूरत बताई गई थी।
इसके अलावा रूट पर प्रस्तावित राजनगर एक्सटेंशन के आठवें मेट्रो स्टेशन के लिए भी डीएमआरसी ने जमीन की आवश्यकता बताई है। इसके बाद से ही जीडीए अधिकारी जमीन जुटाने की कोशिश में लगे हैं।
जीडीए मुख्य अभियंता वीकेगोयल के मुताबिक सर्वे रिपोर्ट वीसी संतोष कुमार यादव को सौंपी जाएगी। वीसी की मंजूरी के बाद ही जमीन लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
ऐसे जुटाई जाएगी जमीन
अधिकारियों के मुताबिक मेट्रो स्टेशन के लिए निजी प्रापर्टी जीडीए लोगों से समझौते के आधार पर सीधे खरीदेगा। सरकारी जमीन के लिए जीडीए सेटलमेंट कर सकता है, यानी जीडीए अपनी जरूरत की जमीन लेकर संबंधित सरकारी विभाग को दूसरी जगह जमीन दे सकता है। इसके साथ ही सरकारी जमीन का पुनर्ग्रहण भी हो सकता है।