सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में रविवार शाम बड़ी चौपाल पर हरियाणवी फैशन शो का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला। फैशन शो में हरियाणवी कलाकारों के अलावा थाईलैंड, किर्गिस्तान, घाना, युगांडा व भूटान के कलाकारों ने भी हरियाणवीं वेशभूषा में रैंपवॉक किया।
हरियाणवी घाघरा, दामण, कुर्ती, जैकेट, कमीज सलवार पहन कलाकार रैंप पर उतरे तो लोगों का मन मोह लिया। इसके अलावा सलीम हरियाणवी ने धमाल लोकनृत्य रामजी बतादे कद बरसैगा प्रस्तुत कर जमकर तालियां बटोरी।
फैशन शो का निर्देशन कल्पना पूनिया ने किया था। रंग बिरंगी सजी चौपाल पर हरियाणवी गीतों की गूंज भी सुनाई दी, हरियाणवी कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुति से प्रांतीय परिवेश का अहसास कराया। डीएवी स्कूल अंबाला की छात्राओं ने उड़ जाइए कबूतर तैने मारे बिजड़ी गीत पर नूर नृत्य प्रस्तुत किया।
एसडी कन्या महाविद्यालय, नरवाना की छात्राओं ने समूहगान बौलण बतलावण की टाल करीए और शिव जी लटा हिलावै है मां ने की प्रस्तुति दी। इसके बाद हरियाणवी कलाकार सलीम हरियाणवी ने चौपाल पर रामजी बतादे कद बरसैगा गीत पर धमाल लोकनृत्य प्रस्तुत कर जमकर तालियां बटोरी। हरियाणवी परिधानों में फैशन शो देख दर्शकों ने डा. पूनिया की सराहनीय पहल का जोरदार तालियों से स्वागत किया।
हरियाणा के अतिरिक्त मुख्यसचिव धनपत सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर संध्या कार्यक्रम का शुभारंभ किया। धनपत सिंह ने कहा कि हरियाणवी सभ्यता व संस्कृति हमारी धरोहर है और इसको सहज कर रखना हमारा नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि हमारी वेषभूषा व खानपान जीवनशैली में गहरा असर डालती है। इस तरह के आयोजन से भावी पीढ़ी को हरियाणवी सभ्यता व संस्कृति के महत्व का ज्ञान होता है।