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रंग और कला में डूबने के लिए आइये सूरजकुंड

Fri, 31 Jan 2014 04:52 PM IST
ओम प्रकाश/अमर उजाला, फरीदाबाद
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फरवरी में फरीदाबाद का सूरजकुंड दिल्ली और एनसीआर में रहने वालों के लिए हॉट डेस्टिनेशन बन जाता है। हर साल 1 फरवरी से लेकर 15 फरवरी तक चलने वाले इस शिल्प मेले में शिल्प प्रेमियों के साथ युवा कपल्स की भी भारी भीड़ देखी जाती है।
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खास संयोग से 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे के दिन युवा जोड़े सूरजकुंड आते हैं। आप भी अगले वीकेंड में सूरजकुंड मेले में आकर यहां के शिल्पकारों की बनाई चीजों को देख और खरीद सकते हैं।

1987 से लगने वाला सूरजकुंड का शिल्पमेले में अब देश-विदेश के लाखों कला प्रेमी यहां आते हैं। 1987 में हरियाणा सरकार ने जब सूरजकुंड में शिल्पमेला लगाने का विचार आया था तब उन्हें इसके इतना कामयाब होने का अंदाजा नहीं रहा होगा।
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1987 में जब पहली बार मेला लगा तो सिर्फ 35 शिल्पकारों ने यहां अपना स्टॉल लगाया था। जबकि दर्शक 10 हजार करीब आए थे। लेकिन पिछले साल 2013 में 700 के करीब शिल्पकारों ने अपने स्टॉल यहां लगाए थे और इस दौरान कुल आठ लाख से ज्यादा लोग इस मेले का हिस्सा बने थे। जिनमें से करीब 80 हजार विदेशी थे।

सूरजकुंड तक कैसे पहुंचे

फरीदाबाद बस अड्डे से सूरजकुंड
-यहां से सुबह 8:00 बजे, 8:45, 9:30, 10:15, 11:00, 11:45, 12:30, 13:15, 14:00, 14:45, 15:30, 16:15, 17:00 एवं 17:45 बजे बसें मिलेंगी। ये बसें 15 मिनट बाद कैनाल कॉलोनी, आधे घंटे बाद ओल्ड फरीदाबाद, 45 मिनट में बदरपुर बार्डर एवं एक घंटे में मेला परिसर पहुंचेंगी।

गुड़गांव से सूरजकुंड
-गुड़गांव से 9:30, 11:30, 12:30, 15:30, 16:00 एवं 18:30 बजे बसें चलेंगी। ये बसें गुड़गांव से निकलने के बाद आधे घंटे में मेहरौली, 50 मिनट में खानपुर, सवा घंटे में सूरजकुंड पहुंचेंगी।

दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम से सूरजकुंड
-यहां से लगभग सवा घंटे में बस सूरजकुंड पहुंचेगी। पहली बस 8:30 बजे, दूसरी बस 9:00, तीसरी 9:30, चौथी 10:00 बजे, पांचवीं 10:30 बजे, छठी 11:00 बजे, सातवीं 11:30 बजे, आठवीं 12:00 बजे, नौवीं 12:30 बजे मिलेगी। इसके बाद दोपहर एक से पांच बजे तक एक-एक घंटे के अंतराल पर दो-दो बसें सूरजकुंड आएंगी।

दिल्ली के आईएसबीटी से सूरजकुंड
-सुबह 8:00 से शाम 17:30 बजे तक आधे-आधे के अंतराल पर मेले तक 20 बसें चलेंगी। जो 10 मिनट में राजघाट, 20 मिनट में आईटीओ, 30 मिनट में सराय काले खां, 40 में आश्रम, 50 में बदरपुर एवं 60 मिनट में सूरकुंड पहुंचेगी।

नोएडा से सूरजकुंड
-यहां सेक्टर-37 से कई बसें बदरपुर बार्डर तक के लिए हैं। जिनसे बार्डर आकर वहां मिनी बस, ऑटो या रिक्शा से मेला परिसर आ सकते हैं।

मेट्रो करेगी सहायता
-दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव के लोग मेले में आने के लिए मेट्रो का प्रयोग भी कर सकते हैं। मेट्रो से सैलानी बदरपुर बार्डर आ सकते हैं। वहां से ऑटो, मिनी बस या रिक्शा पकड़कर आसानी से मेला पहुंचा जा सकता है।

सूरजकुंड से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए किराया
स्टॉपेज---------------------साधारण बस---------एसी बस
सूरजकुंड से बॉर्डर-------------------10-------------------17
सूरजकुंड से आश्रम------------------17------------------32
सूरजकुंड से लाजपत नगर---------- 22-----------------42
सूरजकुंड से मेडिकल-----------------22-----------------42
सूरजकुंड से हरियाणा एम्पोरियम-----22-----------------42

फरीदाबाद से सूरजकुंड जाने वाले यात्रियों के लिए किराया
स्टॉपेज-----------------साधारण बस------एसी बस
एनआईटी से प्रहलादपुर----------27--------------52
एनआईटी से हरियाणा बॉर्डर-----27--------------52
एनआईटी से सूरजकुंड ----------27--------------5

कैसे लें इंटरनेट से मेले की टिकट

इसके लिए आपको हरियाणा टूरिज्म की वेबसाइट www.haryanatourism.gov.in को ओपन करना होगा। इसकी बाईं ओर 28वां सूरजकुंड क्रॉफ्ट मेला एवं ई-टिकट फॉर सूरजकुंड क्रॉफ्ट मेला का ऑप्शन दिया गया है।

ई-टिकट पर क्लिक करने पर यूजर रजिस्ट्रेशन का ऑप्शन आएगा। जिसमें रजिस्टर्ड करने के बाद क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन भुगतान होगा और फिर टिकट का प्रिंट निकाला जा सकेगा। इसके अलावा 26 बैंकों के खाते से टिकट का पैसा ऑनलाइन भी भरा जा सकता है। खास बात यह है कि ऑनलाइन टिकट लेने वालों को 10 प्रतिशत का छूट भी दिया जा रहा है।

चौपाल तैयार, वाद्ययंत्र दर्शाए
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में चौपाल बनकर तैयार हो गई है। मेले में आने वाले देशों के कलाकार यहां अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। कंट्री पार्टनर श्रीलंका और थीम स्टेट गोवा में प्रचलित वाद्ययंत्रों को इस पर दर्शाया गया है। एक तरह से गीत-संगीत की अच्छी फीलिंग होगी। चौपाल पर राष्ट्रीय पक्षी मोर की आकृति भी बनाई गई है।

अपना घर में हरियाणा की कला
मेला परिसर में हरियाणा का अपना घर बनकर तैयार हो गया है। इस घर में हरियाणा की कला और संस्कृति को दर्शाया जा रहा है। कहीं किसान को खेती करते हुए दिखाया जा रहा है, तो कहीं गाय और भैंस का दूध निकालते हुए लोगों की प्रतिकृति है।

ऊंट और घोडे़ की सवारी का लें आनंद
इस वर्ष लोगों को ऊंट और घोड़े की सवारी करने का मौका मिलेगा। मेले में ऊंट व घोड़े पहुंच चुके हैं। दरअसल शहरी क्षेत्र के बच्चों में ऊंट व घोड़े को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिलता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इनका इंतजाम किया गया है।

होटलों में रुकेंगे विदेशी कलाकार
मेले में दूसरे देशों से आने वाले कलाकारों के ठहरने के लिए होटलों में व्यवस्था की गई है। कजाकिस्तान और उजबेकिस्तान से मेले में शिरकत करने पहुंचे कलाकारों को राजहंस होटल में ठहराया गया है। श्रीलंका के कलाकारों को बड़खल मोटल में और अफगानिस्तान के कलाकारों के मैगपाई में ठहरने की व्यवस्था की गई है।

नहीं रहेगा कोई डर
मेले में आग से बचाव के लिए अग्निशमन विभाग भी तैयार रहेगा। विभाग ने मेले में पांच फायर ब्रिगेड गाड़ियां तैनात करने का निर्णय लिया है। 24 घंटे दो फायर अफसर और एक नोडल अफसर मेले की मॉनीटरिंग करेंगे। मेले में पलवल और गुड़गांव से तीन गाड़ियां मंगाई जाएंगी। पूरे मेले में 15 फायरमैन तैनात किए जाएंगे। सहायक अग्निशमन अधिकारी डीके नंदा ने बताया कि एक गाड़ी वीआईपी मूवमेंट के लिए तैनात रहेगी। मेले में स्टॉल लगाने वाले लोगों को अपने-अपने स्टॉल पर रेत से भरी दो बाल्टियां रखना अनिवार्य होगा।
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28वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला: एक नजर में
-मेले का इंश्योरेंस-04 करोड़ रुपये का
-टिकट की कीमत: 70 रुपये
-सीनियर सिटीजन, विशेष सक्षम: 35 रुपये (कार्ड दिखाने पर)
-मेले का समय: सुबह 9:30 से शाम को 7:30 बजे से
-नाट्यशाला में सांस्कृतिक कार्यक्रम: शाम को 6:00 बजे से
-कुल पुलिस वाले लगेंगे: 1600
-सीसीटीवी कैमरे लगे हैं: 110
-शिरकत करने वाले कुल देशों की संख्या: 20
-क्षेत्र: 40 एकड़
-शिल्पकार: 735
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