गुड़गांव के बादशाहपुर, उल्लावास, मैदावास व बहरामपुर गांव की 1400 एकड़ जमीन पर अधिग्रहण को लेकर विवाद है। हुडा की ओर से सेक्सन चार व छह जारी होने के बाद किसानों को रातो-रात जमीन मुआवजा रेट से अधिक के लालच में बेची थी।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) ने मस्टर प्लान के सेक्टर 58 से 67 में आने वाली जमीन के अधिग्रहण के लिए सबसे पहले सेक्सन चार किया। उसके कुछ दिन बाद ही उक्त जमीन का सेक्सन छह किया।
किसानों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण की नोटिस का फायदा उठा कर बिल्डरों ने किसानों से संपर्क किया और उनको सरकार की ओर से मिलने वाले मुआवजे की रकम से दो गुना पैसा देने की लालच देकर जमीन खरीद ली।
इसी बीच बिल्डरों ने सेक्टर की सभी जमीन पर लाईसेंस ले लिया। सरकार की ओर से उक्त जमीन पर लाईसेंस देने के चलते वह जमीन रिलीज करनी पड़ी। जिस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप है।
जिला प्रशासन की ओर से उन दिनों बिल्डरों की ओर से हुई रजिस्ट्री की जांच की जा रही है। उपायुक्त को उक्त साक्ष्य दो माह क भीतर अदालत में देने हैं। उपायुक्त शेखर विद्यार्थी का कहना है कि अब तक उनको आदेश की कॉपी नहीं मिली है। समाचार पत्र से मिली जानकारी के बाद उन्होंने दस्तावेज एकत्रित करने का आदेश दे दिया है।
बिल्डरों की ओर से न खरीदी गई जमीन का ही हुआ अधिग्रहण
गुड़गांव। मास्टर प्लान की 1400 एकड़ जमीन में 87 एकड़ जमीन का ही अधिग्रहण हुआ। इसके पीछे तर्क है कि बिल्डरों के यूज की यह जमीन नहीं थी। उक्त जमीन सड़क व सीवर के साथ सेक्टर के अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए छोड़ी गई थी।