सीलिंग व अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई में बाधा पहुंचाने वालों से सुप्रीम कोर्ट ने दो टूक कहा कि ‘दादागिरी’ नहीं चलेगी और किसी भी हालत में इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पीठ ने नजफगढ़ जोन के सहायक आयुक्त का तबादला वापस लेने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि हमने आदेश दिया है और उसका पालन होना चाहिए।
नजफगढ़ जोनल वार्ड के चेयरमैन मुकेश सुरियान पर कथित तौर पर सीलिंग की कार्रवाई में बाधा पहुंचाने का आरोप है, लिहाजा पीठ ने उन्हें पेश होकर सफाई देने को कहा था।
पीठ ने सुरियान से कहा, ‘आप क्या रहे हैं। हम किसी को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दे सकते। कोई हमारे आदेश में दखल दे, यह हम कतई नहीं बर्दाश्त कर सकते। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और यह बात आपको समझनी चाहिए।’