फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजपाल यादव को नहीं मिली राहत, 6 दिन के लिए जाना होगा जेल

Fri, 29 Jul 2016 02:40 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
राजपाल यादव फिर जा सकते हैं जेल - फोटो : BBC
विज्ञापन
अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आज सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव को राहत देने से इंकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी और कहा कि उन्हें 6 दिन के लिए जेल जाना होगा।
विज्ञापन


कोर्ट का यह आदेश एक पुराने कर्ज ना चुकाने के मामले में आया है। फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए उन्होंने दिल्ली की मुरली प्रोजेक्ट्स नाम की कंपनी से 2010 में 5 करोड़ रुपये लिए थे। कर्ज न चुकाने पर दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे केस में वह कई बार झूठे वादे कर चुके हैं।

2014 में उच्च न्यायालय ने उन्हें 10 दिन के लिए जेल जरूर भेजा था, लेकिन 4 दिन जेल में बिताने के बाद सज़ा स्थगित कर दी गई थी। उसी के बचे 6 दिन काटने का हाई कोर्ट ने आदेश दिया था।
विज्ञापन


हाईकोर्ट के इसी 6 दिन जेल जाने के आदेश को राजपाल ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौ‌ती दी थी। उन्हें यह सजा झूठा हलफनामा दायर करने के लिए 2013 में दी गई थी।
विज्ञापन

क्या बोली अदालत

supreme court of india
राजपाल यादव ने 3 से 6 दिसंबर 2013 तक जेल में चार दिन काटे थे, जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ ने उनकी अपील पर सजा निलंबित कर दी थी।

न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति दीपा शर्मा की पीठ ने दिसंबर 2013 में एक न्यायाधीश की दी गई सजा बरकरार रखी और कहा कि प्रक्रिया का पालन करने में यादव की नाकामी को स्वीकारा नहीं जा सकता। उनको अपने व्यवहार के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए पर्याप्त समय दिये जाने के बावजूद वह झूठ पर ट‌िके रहे।

पीठ ने कहा था कि इस मामले का लंबा इतिहास बताता है कि बार-बार शपथपत्र का उल्लंघन हुआ और जब यह पूछने के लिए उन्हें बुलाया गया कि कार्रवाई क्यों नहीं की जाए, अपीलकर्ता और उनकी पत्नी ने झूठे और टालने वाले जवाब दिए जिसमें झूठे हलफनामे को सही ठहराना शामिल है।

अभिनेता के खिलाफ अवमानना कार्रवाई एक कारोबारी की याचिका पर की थी। यादव और उनकी पत्नी के खिलाफ दायर वसूली वाद में अदालत को गुमराह करने पर शुरू की गई थी। एकल न्यायाधीश की पीठ ने यादव द्वारा दो दिसंबर 2013 को दायर हलफनामे पर आपत्ति जताई थी जो कथित रूप से झूठा तैयार किया गया था और इसमें उनकी पत्नी के जाली हस्ताक्षर थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें