एनजीटी के बाद अब दिल्ली में फैले कचरे को एक बड़ी समस्या के रूप में देखते हुए और इसे खतरे की घंटी बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केजरीवाल सरकार और स्थानीय निकायों को कड़ी फटकार लगाई है।
इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार से कचरे के समय रहते निस्तारण का भी निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस निर्देश के साथ ही आप सरकार की उस याचिका पर भी ऐतराज जताया है जिसमें सरकार ने गुहार लगाई थी कि आप विधायकों को सफाई के काम से अलग रखा जाए क्योंकि ये काम स्थानीय निकायों का है।
कोर्ट ने आप सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए बोला कि अपनी जिम्मेदारी को दूसरों पर डालना समस्या का समाधान नहीं है। आपके पास पर्याप्त संख्या में विधायक हैं जिनका इस्तेमाल कर आप दिल्लीवासियों को सफाई के लिए जागरूक कर सकते हैं और राजधानी को साफ-सुथरा भी रख सकते हैं।
शहर में जगह-जगह पर लगे कचरे के ढेर के बारे में बोलते हुए कोर्ट ने कहा कि ये खतरे का साफ संकेत है। शहर में 45-45 मीटर ऊंचे कचरे के ढेर जमा हो चुके हैं और कचरे का सही निस्तारण ना होने की वजह से लोग मर रहे हैं। इससे पहले भी कोर्ट व एनजीटी दिल्ली सरकार को इस मामले पर फटकार लगा चुकी है।