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सुप्रीम कोर्ट की यूनिटेक को फटकार, मुआवजा दे या डायरेक्टर जेल जाएं

Fri, 01 Jul 2016 10:43 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नोएडा
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : getty
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नोएडा सेक्टर-96 के बरगंडी सोसायटी में खरीददारों को समय पर फ्लैट का पोजेशन देने में नाकाम रही रियल एस्टेट कंपनी यूनिटेक को सुप्रीम कोर्ट ने तगड़ा झटका दिया है। उसने कहा है कि वह 12 अगस्त तक पांच करोड़ रुपये का अंतरिम मुआवजा भरे अन्यथा कंपनी के निदेशक जेल जाने के लिए तैयार रहें।
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तीन साल पहले निर्धारित समय पर फ्लैट का पोजेशन नहीं मिलने पर खरीददारों ने राष्ट्रीय उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उसने यूनिटेक को तीनों फ्लैट खरीददारों को पांच करोड़ रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया था। यूनिटेक ने उपभोक्ता अदालत के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

अंतरिम मुआवजे की रकम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करवाई जाएगी और सुप्रीम कोर्ट परिसर में स्थित यूको बैंक में इसे अल्प अवधि के लिए जमा करवाई जाएगी। इससे पहले शीर्ष अदालत ने 10 जून 2016 तक अंतरिम मुआवजा देने को कहा था, लेकिन कंपनी ने अवधि बढ़ाने की गुहार लगाई थी।
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खरीददारों को अंतरिम मुआवजा नहीं दिया

- फोटो : Reuters
शुक्रवार को यूनिटेक की ओर से पेश वकील ने शीर्ष अदालत के जज जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस सी नगाप्पन की पीठ के समक्ष यह स्वीकार किया कि अब तक तीनों खरीददारों को अंतरिम मुआवजा नहीं दिया गया है।

उन्होंने मुआवजा अदा करने के लिए और वक्त देने की गुहार की। इस पर शीर्ष अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि बहुत वक्त पहले ही दिया जा चुका है। हालांकि अदालत ने यूनिटेक को चेतावनी के साथ एक और मौका दे दिया। अदालत ने कहा कि 12 अगस्त तक  मुआवजा अदा कर दिया जाए या डायरेक्टर जेल जाने के लिए तैयार रहें।

बरगंडी सोसायटी के ये तीनों फ्लैट काफी महंगे हैं। यूनिटेक ने अब तक हर फ्लैट के लिए 3.8-3.8 करोड़ रुपये की राशि ले चुकी है। इस तरह इन तीन फ्लैटों के लिए कंपनी 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ले चुकी है। खरीददारों का दावा है कि उन्होंने सेल एग्रीमेंट में दर्ज राशि का 95 फीसदी का भुगतान कर दिया है।
 
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