आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लगातार कानूनी पचड़ों में फंसते जा रहे हैं।
बनारस लोकसभा सीट से बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ मैदान में उतरने वाले केजरीवाल पर एक के बाद एक मुसीबतें आती जा रही हैं।
चुनावी तैयारियों में जुटे AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ा झटका मिला है।
इस मामले में फंसी है केजरी की सेना
दरअसल, केजरीवाल, मनीष सिसौदिया, प्रशांत भूषण और शाजिया इल्मी के खिलाफ दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल के पुत्र अमित सिब्बल ने मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
AAP नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में जयंत भूषण ने दलील दी थी कि शीर्ष अदालत में सुनवाई पूरी होने तक निचली अदालत में मानहानि के मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगा दी जानी चाहिए।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एवं AAP के अन्य नेताओं के खिलाफ निचली अदालत में मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
इसलिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे जूनियर सिब्बल
हालांकि जस्टिस एचएल दत्तू और जस्टिस एसए बोबडे़ की खंडपीठ ने केजरीवाल एवं अन्य को आश्वस्त किया कि वह इस मामले में आरोपमुक्त करने संबंधी उनकी याचिका पर जल्द सुनवाई करेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले AAP नेताओं ने निचली अदालत में मानहानि के मामले को निरस्त करने का दिल्ली हाई कोर्ट से आग्रह किया था। लेकिन, 16 जनवरी को वहां भी निराशा हाथ लगी थी।
हालांकि हाई कोर्ट ने निचली अदालत से कहा था कि वह आरोप मुक्त करने संबंधी याचिका पर विचार करे। जूनियर सिब्बल ने इस आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी।