नोएडा सेक्टर-93ए सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट मामले में शासन की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जांच शुरू कर दी है और आज इस जांच का दूसरा दिन है। दूसरा दिन होने के चलते एसआईटी टीम मंगलवार सुबह ही नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय पहुंच गई है। सुबह 10.00 बजे तक चार सदस्यों वाली एसआईटी टीम के तीन सदस्य नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर पहुंच चुके थे।
सोमवार को क्या-क्या हुआ
सोमवार को नोएडा पहुंची एसआईटी ने नोएडा प्राधिकरण से वर्ष 2004 से 2021 तक की सारी जानकारी मांगी है। इसमें सुपरटेक को जमीन आवंटन, नक्शा पास करने, कंप्लीशन से लेकर कोर्ट तक की गतिविधियां से जुड़ी जानकारी शामिल हैं। एमराल्ड मामले की जांच के लिए एसआईटी के अध्यक्ष संजीव मित्तल सोमवार दोपहर सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण पहुंचे। उन्होंने नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों को एक-एक कर बुलाया। उन्होंने अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेज के अलावा कई अतिरिक्त जानकारी भी मांगी।
इससे पहले सोमवार सुबह से ही सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में गहमागहमी रही। सभी के जुबान पर एसआईटी के आने की चर्चा रही। प्राधिकरण के अधिकारी फाइलों को जुटाने में लगे रहे। हर एक फाइलों के बारे में जानकारी ली जा रही थी। एसआईटी के सामने फाइलों के रखने से पहले उस पर प्राधिकरण के अधिकारी होमवर्क कर रहे थे।
सीईओ रितु माहेश्वरी को भी बुलाया था
दोपहर करीब 12:10 बजे एसआईटी के अध्यक्ष संजीव मित्तल सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे। वह सीधे अपने चेंबर में चले गए। इसके बाद एसीईओ नेहा शर्मा उनके चेंबर में गईं। फिर सीईओ रितु माहेश्वरी को भी बुलाया गया। कुछ देर बाद अलग-अलग विभागों के कुछ अधिकारियों को बुलाया गया। वहां कुछ देर की चर्चा के बाद बोर्ड रूम में एमराल्ड मामले की जांच शुरू हुई।
यहां सीईओ और एसीईओ के अलावा नियोजन विभाग के जीएम इश्तियाक अहमद, ग्रुप हाउसिंग विभाग के ओएसडी अविनाश त्रिपाठी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहां कुछ देर तक एमराल्ड मामले की चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक बोर्ड रूम में सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के आधार पर बातचीत हुई।
नोएडा प्राधिकरण की ओर से कोर्ट की ओर से उठाए गए बिंदुओं के आधार पर तैयार किए गए दस्तावेजों को उनको दिखाया गया। एसआईअी अध्यक्ष ने उन बिंदुओं के आधार पर प्राधिकरण अधिकारियों से अतिरिक्त जानकारी मांगी।
नक्शे को लेकर भी पूछे गए सवाल
यही नहीं उन्होंने एमराल्ड मामले में वर्ष 2004 से 2021 तक की पूरी जानकारी मांगी। उन्होंने हाईकोर्ट के ऑर्डर के बाद स्पेशल लीव पीटिशन के बारे में पूछा। उन्होंने प्राधिकरण की ओर से पीटिशन देने के बारे में जानकारी मांगी। इसके अलावा उस पर मिले जवाब की कॉपी भी मांगी। नक्शे को लेकर भी सवाल पूछे गए। उन्होंने प्राधिकरण अधिकारियों से इस मामले में उपलब्ध दस्तावेजों की जानकारी मांगी। इसके अलावा दूसरे अन्य जरूरी दस्तावेजों को जुटाने को कहा। इसके आधार पर आगे की जांच करने की बात कही।