महिलाओं की सुरक्षा के प्रति गुरुग्राम पुलिस लापरवाही बरत रही है। बुधवार रात को हुई घटना टाली जा सकती थी, यदि जिला प्रशासन व गुरुग्राम पुलिस ने इस पर समय रहते कार्रवाई कर दी होती। जिस शहर में पुलिस महिलाओं को सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकती, उस शहर में रहते हुए मुझे अवॉर्ड देकर सम्मानित किया जाना महज दिखावा है।
सरकार द्वारा दिए गए द्रोणाचार्य व पद्मश्री अवॉर्ड को मैं वापस कर दूंगी। यह बात पद्मश्री अवॉर्डी और भारतीय महिला कबड्डी टीम की पूर्व कोच सुनील डबास ने अमर उजाला से खास बातचीत में कही।
सुनील ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र की खाली जमीन पर अवैध रूप से कुछ लोगों द्वारा पार्किंग की जा रही है।
यहां गाड़ियां उनके घरों के आगे तक लग जाती हैं और उनके घर से बाहर निकलने का भी रास्ता नहीं होता। यदि इन गाड़ियों को हटाने के लिए लोगों को कहा जाता है तो वे बदतमीजी करना शुरू कर देते हैं। इतना ही नहीं गाड़ी में आने वाले लोग घरों के बाहर खड़े होकर शौच करते हैं जिसके चलते घर से बाहर परिजनों का निकलना मुश्किल हो गया है।
यहां पार्किंग के नाम पर वसूली कर रहे व्यक्ति को जब यहां गाड़ियां घर के सामने न लगवाने को कहा जाता है तो वह उपायुक्त से परमिशन होने की बात कहकर उन्हीं से बात करने को बोल देते हैं। इस बारे में करीब 15 दिन पहले से ही जिला उपायुक्त को अवगत कराया गया था, उन्होंने चुनाव में व्यस्त होने की बात कहकर चुनाव के बाद इस पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था।
पद्मश्री व द्रोणाचार्य अवॉर्ड को वापस करने का मन बना रही
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को भी जानकारी दी थी, लेकिन यहां भी कार्रवाई के नाम पर आश्वासन मिला। बुधवार सुबह भी उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कराए जाने के लिए उपायुक्त को कहा था, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जब वह देश के लिए इतना कुछ कर रही हैं और उनकी सुरक्षा सरकार सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो वह सरकार द्वारा दिए गए सम्मान पद्मश्री व द्रोणाचार्य अवॉर्ड को वापस करने का मन बना रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भी मामले को दबाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
शिवाजी नगर थाना पुलिसकर्मी मौके पर भेजे गए, लेकिन उन पुलिसकर्मियों को जब यह ही नहीं पता कि लघु सचिवालय कहां स्थित है तो वह अपने थाना क्षेत्र की सुरक्षा में कितने सतर्क होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
इसके बाद जब पुलिसकर्मियों द्वारा अस्पताल ले जाने के लिए उन्हें एक स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाया जा रहा था जिसमें चालक को देखकर उन्होंने बताया कि यह वही आरोपी है, जिन्होंने उन पर हमला किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें दबोचने की बजाय उसे मौके से भगा दिया।
ऐसे में साफ जाहिर हो रहा है कि पुलिस अपराधियों के साथ मिलकर ही वारदात को अंजाम दिलवा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें राज्य व केंद्र सरकार द्वारा दिए गए सभी अवॉर्ड को लौटा देंगी।