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Delhi: सुनील भराला ने केन्द्रीय मंत्री से की मुलाकात, हर की पैड़ी के तर्ज परशुराम कुंड का विकास कराने की मांग

Thu, 10 Aug 2023 11:07 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली

सार

राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संरक्षक पंडित सुनील भराला के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल केंद्रीय पर्यटन व पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के मंत्री जी. किशन रेड्डी से दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकत की। 
 
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सुनील भराला ने केन्द्रीय मंत्री से की मुलाकात - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संरक्षक पंडित सुनील भराला के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल केंद्रीय पर्यटन व पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के मंत्री जी. किशन रेड्डी से दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकत की और अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले स्थित परशुराम कुंड का विकास हरिद्वार की ‘हर की पैड़ी’ के तर्ज पर करने के लिए ज्ञापन सौंपा।

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परशुराम कुंड पूर्वोत्तर भारत का एक प्रमुख हिंदू तीर्थ है जो भगवान परशुराम को समर्पित है। ब्रह्मपुत्र के रमणीक पठार में लोहित नदी के निचले हिस्से में स्थित है। इस तीर्थ स्थल पर प्रति वर्ष लाखों श्रद्धालु आते है। जनवरी में मकर संक्राति के पर्व पर नेपाल, असम, मणिपुर व भारत के हर हिस्से से तीर्थयात्री आते है। परशुराम कुंड में अनुष्ठान स्नान करने के लिए उपलब्ध स्थान बहुत सीमित, संकीर्ण और भीड़भाड़ वाला है। यहां पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग स्नान घाट विकसित करने की जरुरत है।

 


भराला ने चीन की सीमा पर स्थित परशुराम कुंड का धार्मिक महत्व बताते हुए कहा की यह अखिल भारतीय महत्व का एक मंदिर है और मान्यता है कि इसके पवित्र कुंड में डुबकी लगाने से व्यक्ति के सारे पाप धुल जाते हैं। परशुराम धाम व कुंड तक जाने के लिए कनेक्टिविटी बहुत अच्छी हो रही है। गत वर्ष गृहमंत्री अमित शाह के जाने से सरकार इस ओर विशेष ध्यान दे रही है। अभी तक परशुराम कुंड तक कोई रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है। 122 किलोमीटर लंबी रूपाई-परशुराम कुंड ब्रॉड गेज रेलवे लाइन का सर्वेक्षण पूरा हो गया, जबकि पासीघाट-तेजू - परशुराम कुंड के लिए प्रारंभिक इंजीनियरिंग यातायात सर्वेक्षण राज्य सरकार के अनुरोध पर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे द्वारा आयोजित किया गया था जिसके लिए प्रतिनिधित्व दिया गया था।

 

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भराला ने परशुराम कुंड का सामरिक महत्व बताते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश एक सीमावर्ती राज्य है और हमारे पड़ोसी चीन के साथ शत्रुतापूर्ण रवैये और संबंधों के लिए आवश्यक है कि अरुणाचल प्रदेश के प्रति हमारे रुख को वैधता प्रदान करने के लिए धार्मिक स्थलों को तुरंत विकसित किया जाए कि यह सदियों से हमारे देश का अभिन्न अंग है और भारत में इसका प्रमुख स्थान है। धर्म, संस्कृति और परंपरा परशुराम कुंड तक रेल-सड़क और हवाई संपर्क का विकास हमारे रक्षा बलों को जरूरत के समय रणनीतिक और सामरिक लाभ भी प्रदान करेगा।

 

भराला ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि राष्ट्रीय परशुराम परिषद देश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में विशेष प्रयास कर रही है। परशुराम कुंड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करते हुए एक पहचान दिलाने का कार्य करें जिससे राज्य के कोष में वृद्धि हो सके और भगवान परशुराम पर पहले भ्रांतियां दूर हो सकें।

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