राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संरक्षक पंडित सुनील भराला के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल केंद्रीय पर्यटन व पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के मंत्री जी. किशन रेड्डी से दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकत की और अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले स्थित परशुराम कुंड का विकास हरिद्वार की ‘हर की पैड़ी’ के तर्ज पर करने के लिए ज्ञापन सौंपा।
भराला ने चीन की सीमा पर स्थित परशुराम कुंड का धार्मिक महत्व बताते हुए कहा की यह अखिल भारतीय महत्व का एक मंदिर है और मान्यता है कि इसके पवित्र कुंड में डुबकी लगाने से व्यक्ति के सारे पाप धुल जाते हैं। परशुराम धाम व कुंड तक जाने के लिए कनेक्टिविटी बहुत अच्छी हो रही है। गत वर्ष गृहमंत्री अमित शाह के जाने से सरकार इस ओर विशेष ध्यान दे रही है। अभी तक परशुराम कुंड तक कोई रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है। 122 किलोमीटर लंबी रूपाई-परशुराम कुंड ब्रॉड गेज रेलवे लाइन का सर्वेक्षण पूरा हो गया, जबकि पासीघाट-तेजू - परशुराम कुंड के लिए प्रारंभिक इंजीनियरिंग यातायात सर्वेक्षण राज्य सरकार के अनुरोध पर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे द्वारा आयोजित किया गया था जिसके लिए प्रतिनिधित्व दिया गया था।
भराला ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि राष्ट्रीय परशुराम परिषद देश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में विशेष प्रयास कर रही है। परशुराम कुंड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करते हुए एक पहचान दिलाने का कार्य करें जिससे राज्य के कोष में वृद्धि हो सके और भगवान परशुराम पर पहले भ्रांतियां दूर हो सकें।