वायु मानक संस्था सफर के मुताबिक, शुक्रवार से जारी बरसात के कारण हवा में मौजूद प्रदूषक बारिश की बूंदों के साथ मिलकर धरती की सतह पर आ गए। इससे वातावरण साफ हुआ और वायु गुणवत्ता के आंकड़ों में कमी दर्ज हुई। बीते 24 घंटे में हवा में मौजूद पीएम 10 का स्तर 52 व पीएम 2.5 का स्तर 32 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रिकॉर्ड हुआ।
बीते सप्ताह से जारी बारिश ने दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण के मीटर को 100 से नीचे ला दिया है। ग्रेटर नोएडा के निवासियों ने 48 एक्यूआई के साथ साल में पहली बार सबसे साफ हवा में सांस ली है। वहीं, दिल्ली समेत अन्य शहरों की हवा संतोषजनक श्रेणी में दर्ज की गई है। वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाली एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि बारिश के असर से मिली राहत सोमवार तक जारी रहेगी। इसके बाद हवा की गुणवत्ता खिसक कर औसत श्रेणी में पहुंच सकती है।
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वायु मानक संस्था सफर के मुताबिक, शुक्रवार से जारी बरसात के कारण हवा में मौजूद प्रदूषक बारिश की बूंदों के साथ मिलकर धरती की सतह पर आ गए। इससे वातावरण साफ हुआ और वायु गुणवत्ता के आंकड़ों में कमी दर्ज हुई। बीते 24 घंटे में हवा में मौजूद पीएम 10 का स्तर 52 व पीएम 2.5 का स्तर 32 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रिकॉर्ड हुआ। आमतौर पर पीएम 10 का स्तर 100 से कम व पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर सुरक्षित माना जाता है। सफर का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में ही बनी रहेगी। लेकिन, मंगलवार से हवा की रफ्तार कम होने की वजह से एक्यूआई औसत श्रेणी में पहुंच सकता है।
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, रविवार को हवा की रफ्तार चार से आठ किमी प्रतिघंटा, मिक्सिंग हाइट 900 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स चार हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रिकॉर्ड किया गया। सोमवार को हवा की रफ्तार चार से आठ किमी प्रतिघंटा, मिक्सिंग हाइट घटकर 850 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स बढ़कर 4300 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रिकॉर्ड किया जा सकता है। वहीं, मंगलवार को हवा की रफ्तार घटकर चार किमी प्रतिघंटा, मिक्सिंग हाइट बढ़कर 1200 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स घटकर 1900 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रिकॉर्ड हो सकता है। वेंटिलेशन इंडेक्स घटने से इसका असर वायु गुणवत्ता पर पड़ेगा।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) के मुताबिक, रविवार को दिल्ली का एक्यूआई 22 अंकों की गिरावट के साथ 69 पर पहुंचा। इससे एक दिन पहले यह 91 रिकॉर्ड हुआ था। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में सबसे साफ हवा ग्रेटर नोएडा की 48 एक्यूआई के साथ रही है। इसके बाद नोएडा के 60 एक्यूआई के साथ बेहतर हालात रहे। गौरतलब है कि नए साल में पहली बार एक्यूआई का स्तर इतना कम हुआ है और हवा की गुणवत्ता में अधिक सुधार दर्ज किया गया है। इससे पहले लगातार एक्यूआई खराब से बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया जा रहा था।
इस तरह साफ होती गई दिल्ली-एनसीआर की हवा
दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से शुक्रवार से बारिश का दौर शुरू हुआ। इससे वायु गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया। यह वजह रही कि बीते तीन दिनों में ही दिल्ली-एनसीआर का एक्यूआई 200 से भी अधिक आंकड़े से गिरकर 100 से नीचे पहुंच गया और लोगों ने साफ हवा में राहत की सांस ली।