आपको बता दें कि पुलिस ने इस मामले में 14 जनवरी को सांसद शशि थरूर के खिलाफ प्रताड़ना व खुदकुशी के लिए विवश करने की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी।
सुनंदा 17 जनवरी 2014 को दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में मृत पाई गई थीं। पिछली सुनवाई में पटियाला हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने केस को सुनवाई के लिए विशेष अदालत के समक्ष भेजते हुए कहा था चूंकि इस मामले में आरोपी शशि थरूर सांसद हैं। इसलिए इस मामले की सुनवाई विधायक व सांसदों के मामलों की सुनवाई के लिए बनाई गई विशेष अदालत के समक्ष ही हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट ने राजधानी में आरोपी विधायक व सांसदों के मामलों की सुनवाई के लिए पटियाला हाउस कोर्ट में दो विशेष अदालत बनाई थीं। इनमें से कोर्ट एसीएमएम समर विशाल व दूसरी कोर्ट विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार की है। इन अदालतों में केस का निबटारा एक साल के भीतर करने का प्रावधान किया गया है।
एसीएमएम समर विशाल के समक्ष सुनंदा के केस की सुनवाई 28 मई को 3 बजे तय की थी। अब यह अदालत ही पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान लेगी या खारिज करेगी। इसके बाद ही केस आगे की सुनवाई का रास्ता तय होगा। दिल्ली पुलिस ने 14 मई को मामले की करीब चार साल के बाद शशि थरूर के खिलाफ तीन हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी।
बीते बृहस्पतिवार को पेश मामले की सुनवाई के दौरान भाजपा नेता सुब्रहमणियम स्वामी भी मौजूद थे। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि जब यह मामला संज्ञान लेने के बाद सत्र अदालत में पहुंचेगा तो वह हत्या व साक्ष्य मिटाने की धारा जोड़ने के लिए अर्जी दायर करेंगे।