सुनंदा पुष्कर-शशि थरूर (फाइल फोटो)
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अदालत ने सुनंदा पुष्कर की मौत मामले में उनके पति एवं कांग्रेस नेता शशि थरूर के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर फैसला एक महीने के लिए स्थगित कर दिया। अदालत ने कोरोना महामारी के ध्यानार्थ अपना फैसला 16 जून तक के लिए स्थगित किया है।
विशेष न्यायाधीश गीतांजली गोयल ने दिल्ली पुलिस और थरूर की तरफ से पेश वकीलों की दलीलें सुनने के बाद 12 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रखा था। जिरह के दौरान पुलिस ने जहां भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) सहित विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय करने का आग्रह किया।
वहीं थरूर की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने अदालत से कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की गई जांच में उनके मुवक्किल को पूरी तरह दोषमुक्त माना गया है। पाहवा ने थरूर को आरोपमुक्त करने का आग्रह करते हुए कहा है कि उनके मुवक्किल के खिलाफ धारा 498ए (पति या उसके किसी रिश्तेदार द्वारा महिला के साथ क्रूरता) या 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत लगाए गए आरोपों का कोई सबूत नहीं है।
पुष्कर 17 जनवरी 2014 की रात यहां एक होटल में मृत मिली थीं। उक्त दंपत्ति होटल में रह रहा था क्योंकि उस समय थरूर के आधिकारिक बंगले की साज-सज्जा का काम चल रहा था। दिल्ली पुलिस ने थरूर के खिलाफ धारा-498 ए और 306 के तहत मामला दर्ज किया था, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया था। पांच जुलाई 2018 को थरूर को जमानत मिल गई थी।