कुछ वर्षों में शहरवासी 14 लेन के एनएच-24 पर वाहन दौड़ाएंगे। दिल्ली से मेरठ तक प्रस्तावित मेरठ एक्सप्रेस-वे योजना कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
इसके साथ ही स्थित साफ हो गई है कि आठ लेन का एक्सप्रेस वे और छह लेन का एनएच-24 होगा। एक्सप्रेस वे बनने से लाखों वाहनचालकों के लिए दिल्ली-मेरठ का सफर सुहाना होगा।
ऐसे होगी चौदह लेन
एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान एनएच-24 के स्थान से आठ लेन का एक्सप्रेस-वे बनेगा। एक्सप्रेस वे के दोनों ओर डिवाइडर बनेगा। इसके बाद एक्सप्रेस वे के दोनों और तीन-तीन लेन का एनएच-24 बनेगा। पूर्व में हाईवे को एलीवेटेड करने का प्रस्ताव भी खत्म कर दिया गया है।
मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी, बढ़ेगा कारोबार
14 लेन चौड़ा एनएच-24 हाईवे किनारे बसी टाउनशिप और कालोनियों के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी की सौगात देगा। मेरठ के लिए एक विकल्प मिलने के कारण एनएच-58 पर वाहनों की संख्या कम होगी।
इससे मेरठ तिराहा, मोदीनगर में जाम से राहत होगी। रियल एस्टेट कारोबार में भी बूम लाएगा। इंदिरापुर, गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली की कनेक्टिविटी होने से हाईवे किनारे कई बिल्डर प्रोजेक्ट साकार होंगे।
जाम से मिलेगी निजात
हाईवे के एक ओर नोएडा तो दूसरी ओर तेजी से विकसित होता इंदिरापुरम क्षेत्र है। इंटीग्रेटेड और हाईटेक सिटी भी इससे जुड़ी हैं। इसके साथ ही कई अन्य टाउनशिप भी विकसित हो रही हैं। हाईवे पर ही कई बड़े शैक्षिक संस्थान हैं।
साथ ही विजयनगर, सिद्धार्थ विहार, प्रतापविहार, राहुल विहार कई बड़ी कालोनियां हाईवे किनारे बसी हैं। दिल्ली-मुरादाबाद-लखनऊ आवागमन करने वाले वाहन भी एनएच-24 से ही गुजरते हैं।
इसलिए हाईवे पर अक्सर जाम की स्थिति बन रहती है। कैबिनेट से मिली मंजूरी के बाद निश्चित ही एनएच-24 से जाम का झाम खत्म हो जाएगा।
19 गांवों की भूमि होगी अधिग्रहित
दिल्ली-मेरठ हाईवे के लिए डासना से मोदीनगर तक के बीच कुल 19 गांवों क ी जमीन अधिग्रहण की जाएगी। इसके लिए किसानों और जिला प्रशासन के बीच मुआवजे को लेकर भी ठनी हुई है।
पिछले दिनों किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल उचिम मुआवजे की मांग को लेकर किसान नेता ब्रजपाल तेवतिया और सुधीर चौधरी के नेतृत्व में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से दिल्ली उनके आवास पर जाकर मिला था।