सीजेपी जंतर-मंतर झड़प-
- घायल हुए दो एसीपी के संबंध में अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जंतर-मंतर के निकट प्रदर्शन के दौरान घायल हुए सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) जय प्रकाश ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि उनके सिर पर पत्थर लगा, जिससे वह घायल हो गए। इस घटना को लेकर दिल्ली पुलिस ने अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है। जय प्रकाश ने बताया कि बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़कर पांच से छह हजार हो गई थी, तभी अचानक मेरे सिर पर पत्थर आकर लगा। मेरे सिर से खून बहने लगा, साथी पुलिसकर्मी मुझे प्रदर्शन स्थल से निकालकर राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ले गए। मेरे सिर में मामूली फ्रैक्चर है। बुधवार को संसद मार्ग के निकट हुए प्रदर्शन के दौरान कथित पथराव में घायल होने वाले दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में जय प्रकाश भी शामिल थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि संसद मार्ग पर हुई हिंसा में घायल हुए दो युवा एसीपी के मामलों में संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की आगे जांच की जा रही है। पंजाबी बाग में तैनात जय प्रकाश ने बताया कि उनकी ड्यूटी सुबह सात बजे से जंतर-मंतर के पास लगाई गई थी।
एसीपी ने बताया कि प्रदर्शनकारी सरकार और पुलिस के खिलाफ नारे लगा रहे थे। शाम करीब साढ़े चार बजे तक भीड़ बढ़कर लगभग पांच से छह हजार हो गई। इनमें से करीब 500 प्रदर्शनकारी हंगामा कर रहे थे, जिसके बाद हमने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने से रोकने के लिए मानव श्रृंखला बनाई। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पत्थर और पानी की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान कनॉट प्लेस में तैनात एक अन्य एसीपी भी कथित पथराव में घायल हो गए, जिन्हें आरएमएल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर झड़पें हुईं, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। सूत्रों ने बताया कि हिंसा में कम से कम दो एसीपी और चार अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सभी घायल अधिकारियों की हालत स्थिर बताई गई है।
पुलिस सूत्रों का यह भी दावा है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ ‘‘असामाजिक तत्व’’ भीड़ में शामिल हो गए थे और उन्होंने हिंसा में हिस्सा लिया। पुलिस द्वारा बार-बार शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था भंग नहीं करने की अपील किए जाने के बावजूद यह घटना हुई। ये एसीपी दूसरी बार घायल हुए हैं। एसीपी कनाॅट प्लेस विवेक भगत पहले भी गंभीर रूप से घायल हुए थे।