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अलर्ट: अचानक कार्डियक अरेस्ट बन रहा मौत का कारण, लक्षण दिखे तो तुरंत कराएं दिल की जांच, नहीं तो जा सकती है जान

Fri, 09 Sep 2022 03:12 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ डॉ. तरुण कुमार ने बताया कि अचानक कार्डियक अरेस्ट कभी भी आ सकता है, लेकिन इसके आने से पहले मरीज को कुछ न कुछ लक्षण जरूर दिखते हैं जिन्हें नजरअंदाज किया जाता है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock
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विस्तार
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घबराहट महसूस हो, सांस फूले, छाती में दर्द हो, धड़कन बढ़े, बेहोशी महसूस हो तो इसे हल्के में न लें। हो सकता है कि आपका दिल कमजोर हो रहा हो। आपकी लापरवाही आप की जान भी ले सकती है। दरअसल पिछले दिनों ऐसे कई वीडियो वायरल हुए जिसमें डांस करते हुए व्यक्ति की अचानक कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। इन सभी घटनाओं में व्यक्ति पहले सामान्य थे, लेकिन अचानक हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई। 
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अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला, बॉलीवुड के मशहूर सिंगर केके, दोनों की मौत भी अचानक कार्डियक अरेस्ट से हुई। वहीं बुधवार देर रात एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें पार्वती की भूमिका निभा रहे कलाकार की मौत अचानक कार्डियक अरेस्ट से हो गई। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ डॉ. तरुण कुमार ने बताया कि अचानक कार्डियक अरेस्ट कभी भी आ सकता है, लेकिन इसके आने से पहले मरीज को कुछ न कुछ लक्षण जरूर दिखते हैं जिन्हें नजरअंदाज किया जाता है। 

उन्होंने कहा कि धूम्रपान करने वाले, मधुमेह के रोगी, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, जिनके परिवार में पहले से हार्ट की समस्या हो व अन्य मरीजों में दिल की समस्या होने की आशंका ज्यादा होती है। ऐसे लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है। इन्हें हर छह माह में जांच जरूर करवानी चाहिए। यदि किसी को अचानक कार्डियक अरेस्ट आए तो तुरंत सीपीआर देना चाहिए। 
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साथ ही उसे तुरंत चिकित्सा सुविधा देनी चाहिए। डॉ. तरुण ने कहा कि दिल की समस्या से बचने के लिए जीवन शैली में बदलाव लाना चाहिए। साथ ही नियमित रूप से दिल की जांच करवानी चाहिए। ऐसा करने से अचानक होने वाली समस्या से बच सकते हैं। 
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धीरे-धीरे होती है क्रिया 

जीबी पंत अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के वरिष्ट डॉक्टर वी त्रेहान ने कहा कि अचानक कुछ नहीं होता। दिन में समस्या की क्रिया धीरे-धीरे होती है। हालांकि मरीज उसपर ध्यान नहीं देता। यदि मरीज अपनी नियमित जांच करवाता है तो अचानक होने वाले कार्डियक अटैक से बच सकता है। उन्होंने कहा कि हम मरीज को तनाव देकर देखते हैं कि वह कितना झेल सकता है। उसकी ईसीजी में क्या बदलाव आ रहा है। इस जांच के दौरान मरीज की स्थिति सामने आ जाती है। 

यह होते हैं लक्षण
- छाती में दर्द होना
- चक्कर आना
- धड़कन बढ़ना
- घबराहट होना
- सांस फूलना
- सिर में दर्द होना

इनमें होता है ज्यादा खतरा
- धूम्रपान करना
- मधुमेह के रोगी
- हाई कोलेस्ट्रॉल
- परिवार में हार्ट के मरीज रहना 
- तनाव 
- उच्च रक्तचाप 
- मोटापा 
 
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