दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) कोर्सेज की कक्षाएं व प्रैक्टिकल लेने के लिए नोएडा, गाजियाबाद, साहिबाबाद, इंदिरापुरम जैसे इलाकों के विद्यार्थियों को विभिन्न कैंपस के बीच चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दरअसल, एसओएल का पूर्वी दिल्ली के ताहिरपुर इलाके में तैयार हो रहा पूर्वी कैंपस का कुछ हिस्सा अक्तूबर तक तैयार हो जाएगा। पूरा कैंपस दिसंबर के अंत तक बनकर तैयार होगा। सात मंजिला इस कैंपस में प्रशासन कुछ विभाग, कक्षाओं व प्रैक्टिकल कक्षाओं को शिफ्ट किया जाएगा।
स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में बीते सत्र में एमबीए समेत यूजी-पीजी स्तर के छह नए कोर्स शुरु किए थे, वहीं इस साल तीन नए कोर्स शुरु किए हैं। एसओएल में कई ऐसे कोर्सेज भी हैं जिनके लिए प्रयोगशाला की जरूरत पड़ती है। नए कैंपस में प्रयोगशालाओं का निर्माण भी किया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को प्रयोग करने के लिए एसओएल के अन्य कैंपस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह पूरी तरह से अत्याधुनिक कैंपस होगा।
कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि ताहिरपुर में तैयार हो रहा पूर्वी कैंपस दिसंबर में पूरी तरह से चालू हो जाएगा। उससे पहले अक्तूबर में दो मंजिलों को चालू कर दिया जाएगा ताकि नए सत्र की शुरुआत होते ही विद्यार्थियों को संसाधनों की कमी का सामना नहीं करना पड़े।
एसओएल में केवल स्नातक स्तर पर ही एक लाख से अधिक दाखिले होते हैं। ऐसे में पहले कमरों की कमी परेशानी का सबब बनती थी। विद्यार्थियों को भी कक्षाएं लेने के लिए एक जगह से दूसरी जगह पर जाना पड़ता था। लेकिन इस कैंपस के बनने से उन्हें अपने इलाके में कक्षाएं मिल जाएंगी। दो साल पहले एसओएल ने पश्चिमी दिल्ली के लॉरेंस रोड में अपना पश्चिमी सेंटर भी शुरु किया था।