हाईकोर्ट ने हजारों छात्रों को बड़ी राहत देते हुए दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय के उस सर्कुलर पर रोक लगा दी है जिसकी वजह से दो बार फेल हुए छात्रों को स्कूलों में प्रवेश नहीं मिल पा रहा था। सरकारी स्कूलों को अब फेल हुए छात्रों को उसी कक्षा में दाखिला देना होगा। पहले इन छात्रों को पत्राचार से पढ़ाई पूरी करने के लिए कहा जाता था। दिल्ली सरकार ने 27 अगस्त, 2018 को यह सर्कुलर जारी किया था।
न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने सर्कुलर पर रोक लगाते हुए कहा कि यह छात्रों के शिक्षा के अधिकार का हनन है। इस तरह के सरकारी आदेशों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। कोर्ट ने दो भाइयों के मामले में सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है। विवेक विहार के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को दोनों भाइयों का दाखिला करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दिल्ली सरकार के सर्कुलर के आधार पर स्कूल ने नौवीं में दो बार फेल होने पर छात्र सैयद मोहम्मद उमर व उसके भाई को दोबारा दाखिला देने से इनकार कर दिया था। दोनों ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखा लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के माध्यम से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पहले भी इस तरह के दो मामलों में जब याचिका दाखिल की गई तो स्कूल ने दाखिला दे दिया था। अब इन छात्रों को इनकार किया जा रहा है। अधिवक्ता ने कहा कि इस सर्कुलर के कारण वंचित व गरीब परिवारों के हजारों छात्र अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पा रहे हैं। अधिवक्ता ने सर्कुलर को निरस्त करने की मांग की थी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी है।