नई दिल्ली। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस व अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर बुधवार को प्रगति मैदान स्थित नेशनल साइंस सेंटर में वन्यजीव संरक्षण पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। प्रसिद्ध वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर अनीश भास्करन ने ‘ट्रैकिंग शैडोज’ विषय पर बाघों की फोटोग्राफी, उनके व्यवहार, आवास व पारिस्थितिकी की गहरी समझ साझा की।
व्याख्यान में वैश्विक बाघ संरक्षण पहल, भारत में बाघों की वर्तमान स्थिति व टाइगर रिजर्व की भूमिका पर चर्चा हुई। वक्ता ने बाघ को ‘अम्ब्रेला प्रजाति’ बताते हुए कहा कि बाघों का संरक्षण पूरे वन पारिस्थितिकी तंत्र व जैव विविधता की सुरक्षा से जुड़ा है। अगर बाघ सुरक्षित रहे तो जंगल भी सुरक्षित रहेगा। संवाद सत्र में छात्रों ने बाघों के व्यवहार, ट्रैकिंग तकनीक, आवास प्रबंधन व संरक्षण रणनीतियों पर सवाल पूछे, जिनके विशेषज्ञ ने विस्तार से जवाब दिए। संवाद