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बोझिल होमवर्क से चाहिए छुटकारा तो दीजिए अपना सुझाव

Wed, 30 Sep 2015 05:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने छात्रों को बोझिल होमवर्क से छुटकारा दिलाने की दिशा में कदम उठाया है। छात्र किस तरह की होमवर्क अपने शिक्षकों से चाहते हैं?
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इसके लिए सीबीएसई ने छात्रों से ही ऑनलाइन राय मांगी है। जिसके बाद स्कूलों के लिए होमवर्क से संबंधित से नई गाइडलाइन जारी की जाएगी। इसका मकसद पढ़ाई को और ज्यादा आसान बनाना है।

स्कूली छात्रों में होमवर्क को लेकर छात्र और अभिभावक दोनों परेशान रहते हैं। अक्सर अभिभावकों की शिकायत होती है कि इतना होमवर्क बच्चे की उम्र के हिसाब से करना संभव नहीं है। होमवर्क कराने में ट्यूटर से लेकर माता-पिता उलझे होते हैं।
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कई बार इसकी शिकायत भी स्कूलों में की जाती है। इसी को देखते हुए सीबीएसई ने अपनी वेबसाइट पर कक्षा छठीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए ऑनलाइन फीडबैक के लिए विकल्प खोला है।

28 प्रश्नों पर 05 अक्तूबर तक छात्र अपनी राय दे सकते हैं। छात्रों के अलावा सीबीएसई ने उच्च प्राथमिक कक्षा में होमवर्क के विकल्प पर स्कूल प्रिंसिपल, शिक्षकों और अभिभावकों से भी सुझाव मांगे हैं।

सीबीएसई के मुताबिक बोर्ड स्कूल में होमवर्क का विकल्प तलाश रहा है ताकि नीरस माने जाने वाले होमवर्क को रोचक, वैज्ञानिक और शोध पर आधारित और सार्थक बनाया जा सके।

क्या मानते है होमवर्क का उद्देश्य
छात्र अब सीधे शिक्षकों से पूछने की बजाय छात्रों से होमवर्क का उद्देश्य पूछा है। छात्रों से सीबीएसई ने पूछा है कि आप होमवर्क का मुख्य उद्देश्य क्या मानते हैं।

क्या होमवर्क सभी विषयों में विज्ञान, हिंदी, गणित, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी में दी जानी चाहिए या फिर इनमें से किसी विषय में? बता दें कि अभी स्कूलों में सभी विषयों में छात्रों को होमवर्क दिया जाता है।

शिक्षकों से जुड़ी जानकारी भी मांगी
सीबीएसई ने छात्रों से शिक्षकों से जुड़ी जानकारी भी मांगी है। उनसे पूछा गया है कि होमवर्क किसी तरह से शिक्षण में मदद करता है। क्या यह छात्रों को कक्षा के लिए तैयार करता है। सीखे गए विषयों के बारे में जानकारी देता है।
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