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दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र ने प्रोफेसर को पीटा: प्रशासन ने हमलवार को किया निलंबित, सामने आया हिंसा का VIDEO

Mon, 17 Aug 2026 10:54 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस घटना को लेकर इंडियन नेशनल टीचर्स कांग्रेस (इंटेक) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिख घटना की कड़ी निंदा की है। संगठन ने कहा कि  किसी शिक्षक के साथ परिसर में शारीरिक हिंसा की घटना को केवल सामान्य अनुशासनात्मक मामला नहीं माना जा सकता।
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प्रोफेसर पर हमला करता छात्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय में प्रो. अनुपम झा के साथ कथित शारीरिक मारपीट के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीएचडी छात्र शुभम सिंह का तत्काल प्रभाव से निलंबन कर दिया है। विश्वविद्यालय के अनुसार सुबह 10:30 बजे उमंग भवन में हुई घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज प्राप्त होने के बाद यह कार्रवाई की गई। शुभम सिंह ने विधि संकाय में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में पीएचडी शोधार्थी के रूप में दाखिला लिया था। वहीं पीड़ित शिक्षक ने इस मामले की शिकायत मौरिस नगर थाने में दी है। 

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पीएचडी छात्र शुभम सिंह निलंबित
निलंबन आदेश में कहा गया है कि शुभम सिंह को तत्काल प्रभाव से विधि संकाय से निलंबित किया जाता है। साथ ही, दिल्ली विश्वविद्यालय अधिनियम, 1922 के अध्यादेश 15 बी के तहत उनके विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

इंटेक ने डीयू कुलपति को लिखा पत्र
इस घटना को लेकर इंडियन नेशनल टीचर्स कांग्रेस (इंटेक) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिख घटना की कड़ी निंदा की है। संगठन ने कहा कि  किसी शिक्षक के साथ परिसर में शारीरिक हिंसा की घटना को केवल सामान्य अनुशासनात्मक मामला नहीं माना जा सकता।

इंटेक ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
इंटेक ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र के खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमों, अध्यादेशों और लागू नियमों के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने यह भी कहा कि यदि जांच में संज्ञेय अपराध के तथ्य सामने आते हैं तो उचित कार्रवाई की जाए।  
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शिक्षक संगठन ने की ये मांग
शिक्षक संगठन ने घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, प्रो. अनुपम झा और अन्य शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। संगठन ने विधि संकाय सहित विश्वविद्यालय के अन्य परिसरों में शिक्षकों की सुरक्षा से जुड़े व्यापक मुद्दों की समीक्षा के लिए उपयुक्त समिति गठित करने की मांग भी की है।
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