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IIT Student Suicide: दो तौलियों से फंदा बनाकर यश ने दी जान, 29 अक्तूबर की तारीख में छिपा है मौत का पूरा सच

Wed, 23 Oct 2024 06:41 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में  एक आईआईटी छात्र ने खुदकुशी कर ली है। पुलिस को छात्र के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस की शुरूआती जांच में सामने आया है कि मूलरूप से झारखंड निवासी यश डिप्रेशन में था। 
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आत्महत्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के एक छात्र कुमार यश ने बीती रात अपने अरावली हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वह आईआईटी में एमएससी, द्वितीय वर्ष का छात्र था। पुलिस को छात्र के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस की शुरूआती जांच में सामने आया है कि मूलरूप से झारखंड निवासी यश डिप्रेशन (अवसाद) में था। उसका इलाज भी चल रहा था। उसने आईआईटी के अस्पताल में डॉक्टर से 29 अक्तूबर की अपॉइंटमेंट भी ले रखी थी। यश के परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है।

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अरावली हॉस्टल कमरा नंबर- डी 57 में एक आईआईटी छात्र ने खुदकुशी कर ली है। किशनगढ़ थानाध्यक्ष बीडी मीणा जांच अधिकारी एएसआई विजय और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। एमएससी द्वितीय वर्ष के छात्र व मूलरूप से वार्ड नंबर 4, देवघर, झारखंड निवासी कुमार यश पुत्र अनिल कुमार झा ने सीलिंग फैन से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।

पुलिसकर्मियों, उसके दोस्त और आईआईटी स्टाफ ने कमरे में प्रवेश करने के लिए दरवाजे की खिड़की तोड़ दी। मृतक को दो बंधे हुए कपड़े के तौलिये से लटका हुआ पाया गया। उसके दोस्त और आईआईटी स्टाफ ने तौलिये को काटकर उसे नीचे उतारा और आईआईटी अस्पताल ले गए, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिर छात्र को आईआईटी की एंबुलेंस द्वारा सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। यहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में सुरक्षित रख दिया गया है।

छात्र के हॉस्टल के कमरे में मोबाइल क्राइम टीम द्वारा निरीक्षण किया गया है। साक्ष्य जब्त कर लिए गए हैं। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस को जांच में पता लगा है कि मृतक छात्र के मेडिकल/स्वास्थ्य रिपोर्ट कार्ड के अनुसार वह मनोरोग से पीड़ित था। 22 अक्तूबर को दिन के समय वह आईआईटी अस्पताल गया था। यहां प्राथमिक उपचार दिया गया था। इसके बाद उसकी मनोचिकित्सक के पास उसकी अपॉइंटमेंट 29 अक्तूबर भी तय हुई थी। उसका मेडिकल रिपोर्ट कार्ड जब्त कर लिया गया है। उसके दोस्तों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने इस मामले में किसी गड़बड़ी का संदेह नहीं है।
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'उसने दो तौलियों से फंदा बनाया था'
एक दोस्त ने कहा, 'मुझे लगा कि वो शायद सो गया है। वह बार-बार दरवाजा खटखटाता रहा, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तो मुझे अनहोनी की आशंका हुई। उसने हॉस्टल स्टाफ को इस बारे में बताया। किसी तरह खिड़की को तोड़ा और कमरे में घुसे। वहां देखा कि यश का शव पंखे के सहारे फंदे से लटका हुआ है। उसने दो तौलियों से फंदा बनाया था।'

'हमने तुरंत यश को फंदे से उतारा और...'
हॉस्टल स्टाफ का कहना है, 'हमने तुरंत यश को फंदे से उतारा और उसे आईआईटी के अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने यश को मृत घोषित कर दिया। हम फिर भी यश को सफदरजंग अस्पताल लेकर गए, वहां भी डॉक्टरों ने कहा कि इसकी मौत हो चुकी है।'
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