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अस्पताल में बच्चे की अदला-बदली से हड़कंप, बेटे की जगह मां को दे दी बेटी

Sat, 10 Aug 2019 04:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा चेतन शर्मा, बुलंदशहर
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हैरान परिजन - फोटो : अमर उजाला
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जिला महिला अस्पताल में एक नया कारनामा सामने आया है। अस्पताल में तीन दिन पूर्व ऑपरेशन से एक महिला को पुत्र पैदा हुआ। जिसकी हालत गंभीर होने पर उसे एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कर दिया गया। इसकी पुष्टि अस्पताल के रिकार्ड में भी दर्ज है। 

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परिजनों का आरोप है कि वार्ड से बच्चे की हालत गंभीर बताकर किसी अन्य की लड़की को थमा दिया गया। जो उन्हें अलीगढ़ से आने के बाद पता चला। परिजन अब अपने नवजात शिशु की मांग कर रहे हैं। मामले में अस्पताल प्रशासन पर अंगुलियां तो उठ ही रही हैं। साथ ही यहां डिलीवरी कराने के लिए आने वाले लोगों में भी डर का माहौल है।

खुर्जा जंक्शन क्षेत्र के गांव अरनियां मंसूरपुर निवासी चंचल पत्नी अंकुर को प्रसव पीड़ा होने पर दो अगस्त को जिला महिला अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों द्वारा ऑपरेशन करने की बात कही गई। परिजनों के अनुसार तीन अगस्त को चंचल द्वारा एक पुत्र के होने की सूचना अस्पताल के स्टाफ द्वारा दी गई। साथ ही नवजात की हालत गंभीर बताते हुए उसे तत्काल अस्पताल में ही स्थित एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कर दिया गया। 
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बताया कि पांच अगस्त को नवजात की हालत गंभीर बता उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। इस दौरान अस्पताल द्वारा दिए गए दस्तावेजों में पुत्र ही दर्शाया गया। अलीगढ़ में दिखाने के बाद उसे वापस ले आए। बताया कि अस्पताल में आने के बाद बच्चे को देखने पर पुत्र की जगह पुत्री मिली। 

पुत्र पैदा होने पर परिवार में खुशी थी, लेकिन लड़की को देखने पर उनकी खुशियां गायब हो गईं। परिजनों का आरोप है कि उनके बच्चे को बदला गया है। जब पहले उन्हें लड़का पैदा होने की सूचना दी गई और सभी दस्तावेजों में लड़का दर्ज है तो वह बदल कैसे सकता है। अस्पताल प्रशासन उन्हें गुमराह कर रहा है।
 

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...फिर कैसे नहीं चला पता

जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड के दस्तावेजों में जहां लड़का दर्ज है और पांच अगस्त को जिस बच्चे को रेफर किया जाता है, इसकी किसी ने जांच नहीं की। वहीं, अलीगढ़ ले जाने के बाद भी अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों द्वारा उसे लड़का समझकर उपचार किया गया। साथ ही अपने दस्तावेजों में भी लड़का दर्ज कर उपचार और बाद में डिस्चार्ज कर दिया गया।

परिजनों का कहना है कि अस्पताल से जिस बच्चे को दिया गया, वही बच्चा अलीगढ़ से वापस लाए। बच्चे की कहीं बदली भी नहीं हुई, लेकिन बुलंदशहर आकर देखने पर लड़की होने की जानकारी मिली। आरोप है कि बच्चे को रेफर करते समय एसएनसीयू वार्ड से बदला गया है।

अस्पताल प्रशासन ने शिकायत सुनने से किया इंकार
परिजनों का आरोप है कि जब लड़की होने की जानकारी मिली तो इसकी शिकायत करनी चाही। मगर अस्पताल के किसी भी स्टाफ द्वारा शिकायत सुनने से इंकार कर दिया गया। न ही एसएनसीयू वार्ड प्रभारी ने समस्या सुनी। बच्चे को बदलने में एसएनसीयू वार्ड प्रभारी और स्टाफ द्वारा लापरवाही बरती गई है। इस संबंध में एसएनसीयू वार्ड प्रभारी से वार्ता करने का प्रयास किया गया तो उनका नंबर स्विच आफ आता रहा।

मामले की जानकारी नहीं है। न ही किसी परिजन द्वारा कोई शिकायत की गई। जांच की जाएगी। साथ ही ऑपरेशन से लेकर बच्चे को भर्ती करने तक के सभी दस्तावेज को देखा जाएगा। - डॉ. ज्योत्सना, प्रभारी सीएमएस

मामले की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। इस तरह की अब तक कोई शिकायत नहीं है। परिजनों की समस्या का समाधान किया जाएगा। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
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