एएसएसपी त्रिवेणी सिंह ने दावा किया है कि ये पूरा गिरोह और इनके अन्य साथी ढाई सौ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुके हैं। ये किसी कंपनी के उपभोक्ताओं का डाटा (नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि ) चोरी करने के बाद कॉल सेंटर संचालक आदि को बेच देते थे।
कॉल सेंटर के कर्मी उपभोक्ताओं से संपर्क कर संबंधित कंपनी से कॉल करने की जानकारी देकर किसी ऑफर की पेशकश करते थे। यकीन दिलाने के लिए चोरी किए गए डाटा से उपभोक्ता को जानकारी दी जाती थी।
इसके बाद उसे एक खाता नंबर देकर या फिर ओटीपी आदि पूछकर गाढ़ी कमाई हड़प ली जाती थी। जिन नंबरों से कॉल की गई और जिन खातों में रुपये जमा किए गए वह फर्जी आइडी पर होते थे।
डाटा खरीदकर कॉल सेंटर चलाने वाले सौरभ विकासपुर, नई दिल्ली, हेमंत शारदापुर, दिल्ली , मोहम्मद इमरान, बलिया, अनुराधा, लक्ष्मीनगर, दिल्ली, ऑनलाइन शॉपिंग की फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाला अखिलेश, भदोही, कंपनियों का डाटा चुराकर कॉल सेंटर को बेचने वाला अनुज कुमार, बाबरपुर, शाहदरा, दलीप, न्यू अशोक नगर, दिल्ली, विशाल, ईस्ट बाबरपुर, दिल्ली, कमलेश, जौनपुर, दयाल, बदरपुर( दिल्ली)
इन कंपनियों का डाटा चुराते थे
रिलायंस फ्यूचर, एक्साइड, बिरला सन लाइफ, एचडीएफसी लाइफ, पीएनबी मेट लाइफ, मैक्स लाइफ, बजाज एलायंज लाइफ, एचडीएफसी अंगो, पेटीएम, शॉप क्लूज, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, मित्रां और इंडिया शॉपिंग मॉल