जायदाद हथियाने और रुपयों की जरूरत की वजह से सौतेली मां व चाचा ने कांट्रैक्ट किलर की मदद से मोहम्मद अनस की हत्या करवा दी। अनस का शव सोमवार सुबह सिविल लाइंस स्थित एक पार्क में मिला था। उसकी चाकू मारकर हत्या की गई थी।
पुलिस ने इस मामले में अनस के चाचा और दो हत्यारों को गिरफ्तार किया है। जांच में यह बात सामने आई है कि सौतेली मां ने अनस की हत्या के लिए अपने देवर को 15 लाख रुपये देने का वादा किया था। पुलिस आरोपी सौतेली मां की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि सोमवार सुबह कमला नेहरू रिज में एक युवक का शव मिला। उसके पास से मिले आधार कार्ड से उसकी शिनाख्त नवाबगंज मार्केट निवासी मोहम्मद अनस कुरैशी (20) के रूप में हुई।
अनस से छुटकारा पाना चाहती थी उसकी सौतेली मां
पुलिस ने अनस के मोबाइल कॉल डिटेल की जांच की। जिसमें पता चला कि उसकी हत्या के समय तक उसका नवाबगंज आजाद मार्केट निवासी चाचा मोहम्मद शाहनवाज उसके संपर्क में था। साथ ही शाहनवाज के फोन डिटेल से पता चला कि वह एक अन्य व्यक्ति के लगातार संपर्क में है।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने शाहनवाज को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो वह इनकार करता रहा लेकिन बाद में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसका आजादपुर मंडी में फल का कारोबार है।
कारोबार में घाटा होने पर उसे रुपयों की सख्त जरूरत थी। उसने अनस की सौतेली मां रुबीना से संपर्क किया। रुबीना ने बताया कि उसके मृत पति की सारा जायदाद अनस के नाम है। वह अनस की गतिविधि से तंग आ गई है और वह भी उससे छुटकारा पाना चाहती है।
कॉफी में नींद की दवा देकर उसे बेहोश किया
रुबीना ने अपने देवर से कहा कि अगर वह अनस की हत्या करवाता है तो हत्यारों को पांच लाख और उसे दस लाख रुपये देगी। शाहनवाज ने मंडी में मजदूरी करने वाले जहांगीरपुरी निवासी शाहवाज और एसी रिपेयर करने वाले सोनू से संपर्क किया।
31 जनवरी की रात शाहनवाज ने भतीजे को फोन कर बुलाया और कॉफी में नींद की दवा देकर उसे बेहोश कर रिज एरिया स्थित पार्क में ले गए। जहां हत्यारों ने प्लास्टिक की रस्सी से उसका गला घोंटा और फिर चाकू और बर्फ तोड़ने वाले सुआ से उसपर कई वार किए। पुलिस ने रुबीना की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को अमरोहा भेज दिया है।
जांच में पता चला कि शाहनवाज ने अपने भतीजे की हत्या करने वाले हत्यारों को वारदात को अंजाम देने के बाद 60-60 हजार रुपये देने का वादा किया था। लेकिन दोनों को सिर्फ ढाई-ढाई हजार ही दिए। इससे पहले कि वह बाकी रकम हत्यारों को देता पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।