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'पीली साड़ी नहीं पहनी तो डाल दूंगा तेजाब'

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दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज की एक पीएचडी छात्रा ने शुक्रवार को पुलिस में स्टीफेंस के ही एक प्रोफेसर के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया है।
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इसके साथ ही उसने कॉलेज के प्रिंसिपल वॉल्सन थंपू पर आरोपी प्रोफेसर को बचाने की बात भी कही है। छात्रा की शिकायत के अनुसार केमिस्ट्री के प्रोफेसर सतीश कुमार ने पीड़िता का उत्पीड़न 15 अक्टूबर 2013 को किया था।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में ये भी बताया है कि उत्पीड़न से कई महीने पहले से ही आरोपी प्रोफेसर उसका पीछा करता था, उसे पर भद्दी टिप्पणियां करता था और गलत तरीके से शारिरीक संपर्क में आने की कोशिश करता था।
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प्रोफेसर ने किया पीली साड़ी पहनने को मजबूर

पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में यह भी लिखा है कि सतीश कुमार ने तो उसे ये भी धमकी दी थी कि अगर वो कॉलेज में पीली साड़ी नहीं पहन कर आएगी तो वह उसपर सल्फ्यूरिक एसिड डाल देगा।

पीड़ित छात्रा का कहना है कि इस घटना के बाद उसने कॉलेज जाना छोड़ दिया। लेकिन इसके बावजूद आरोपी प्रोफेसर ने उसका पीछा करना नहीं छोड़ा।

वो उसे लगातार फोन करता रहा, सोशल मीडिया पर फॉलो करता रहा और यहां तक कि कुछ अन्य छात्रों को तब तक उसका पीछा करने भेजता रहा जब ‌त‌क कि उसने अपने मा‌ता‌-पिता को इन सबके बारे में नहीं बता दिया।

प्रिंसिपल ने भी केस दर्ज न करने की दी धमकी

परिवार को सारी बातें पता चलने के बाद उन्होंने आरोपी से जाकर बात की तो उसने ऐसी गलती न दोहराने की बात कह माफी मांग ली। लेकिन उसने कहा कि यह काम चलता रहा।

एफआईआर के मुताबिक अभिभावकों ने 2014 के दिसंबर में स्टीफेंस के प्रिंसिपल थंपू से प्रोफेसर की शिकायत की लेकिन वाल्सन थंपू ने इस बात को पूरी तरह विद्यालय के अंदर की बात कह कर इसे रफा-दफा कर दिया।

शिकायत के अनुसार वाल्सन थंपू ने उससे ये भी कह कर डराया था कि अगर उसने पुलिस में यौन शोषण का केस दर्ज कराया तो वो यूनिवर्सिटी के ग्रीवांस रिड्रेसल सेल में जा सकते हैं और उसकी डिग्री खतरे में पड़ सकती है। पीड़िता ने ये भी आरोप लगाया कि सतीश कुमार ने उसका हर महीने मिलने वाला 18000 का स्टाइपेंड भी ब्लॉक कर दिया।
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कॉलेज कार्रवाई से दुखी होकर पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

‌इन सबके बाद पीड़िता ने अपनी शिकायत यूनिवर्सिटी के ‌ग्रीवांस सेल में दी जिसने 15 जनवरी 2015 से इस मामले की जांच शुरू की। लेकिन सेल आज तक इस मामले की पूरी जांच नहीं कर पाई है।

मामले की सुस्त कार्रवाई से दुखी होकर शुक्रवार को पीड़िता ने अपनी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। आज इस केस की सुनवाई होनी है।

जब प्रिंसिपल थंपू से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस मामले में अनभिज्ञता जताई और अपना कोई हाथ होने से मना किया। कॉलेज के मीडिया कॉर्डिनेटर ने बताया कि जांच अपने आखिरी चरण में है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि कॉलेज हर हाल में मह‌िला सुरक्षा और अस्मिता को लेकर प्रतिबद्ध है।
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